पूर्वांचल प्रहरी कार्यालय संवाददाता गुवाहाटी : मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को मेघालय के रिभोई जिले के उमरसा में उत्तर पूर्वी पुलिस अकादमी (नेपा) के परेड ग्राउंड में उपाधीक्षक और उप-निरीक्षक रैंक के 377 प्रशिक्षु अधिकारी के लिए आयोजित अकादमी के बुनियादी पाठ्यक्रम के 52वें बैच की पासिंग आउट परेड में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस पाठ्यक्रम में पूर्वोत्तर भारत के कुल पांच राज्यों से संबंधित 377 प्रशिक्षु अधिकारियों में से 101 महिला प्रशिक्षु अधिकारी भी शामिल थीं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने प्रशिक्षु अधिकारियों को प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के सफल समापन के लिए बधाई देते हुए विश्वास जताया कि नेपा में पाठ्यक्रम मॉड्यूल पुलिस बल के हिस्से के रूप में पेशेवर रूप से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने में उनके लिए बेहद मददगार साबित होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि 1978 में अपनी स्थापना के बाद से नेपा पूरे क्षेत्र के पुलिस कर्मियों को सर्वोत्तम श्रेणी का प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है। डॉ. शर्मा ने यह भी कहा कि नेपा में 52वें बेसिक कोर्स के अधिकारी प्रशिक्षुओं के लिए कानून, फोरेंसिक विज्ञान, हथियार-हैंडलिंग, साइबर-अपराध आदि पर दिए गए प्रशिक्षण ने उन्हें वर्दीधारी सेवाओं में उज्ज्वल करियर के लिए तैयार किया है। मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने प्रशिक्षु अधिकारियों से समर्पण और जिम्मेदारी की भावना के साथ बच्चों और महिलाओं पर विशेष ध्यान देते हुए आम जनता की सेवा करने की अपील की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्मार्ट पुलिसिंग के आह्वान का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने प्रशिक्षु अधिकारियों से अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों का व्यापक उपयोग करने की अपील की। मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि वर्तमान युग में एक संवेदनशील पुलिस बल की आवश्यकता है जो स्मार्ट और प्रौद्योगिकी प्रेमी भी हो।

उन्होंने कहा कि वर्तमान युग में प्रासंगिक बने रहने के लिए पुराने जमाने की पुलिसिंग शैली से हटने की जरूरत है। मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने प्रशिक्षु अधिकारियों से अपील की कि वे अपनी वर्दी के माध्यम से लोगों की सेवा करने के अवसर का सर्वोत्तम उपयोग करें जो उन्हें दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने राज्य पुलिस बल को लोगों की सेवा के लिए समर्पित एक उत्तरदायी बल में बदलने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई पुलिस स्टेशनों के बुनियादी ढांचे के विकास जैसी विभिन्न पहलों के बारे में भी बात की। मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने प्रशिक्षु अधिकारियों से अपील की कि वे उन सभी प्रकार के कदाचारों में भाग लेने से बचें, जिनसे उस वर्दी को दागदार होने की संभावना है जो उन्होंने बड़ी कठिनाई के बाद अर्जित की है। कार्यक्रम में नेपा के निदेशक अनुराग अग्रवाल, असम के पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह, मेघालय के डीजीपी एलआर बिश्नोई सरित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे। सीएम हिमंत ने कहा कि पूर्वोत्तर के सभी राज्यों के मुख्यमंत्री मणिपुर की स्थिति को लेकर आपस में संपर्क में हैं और इस हिंसा प्रभावित राज्य की जो भी सहायता जरूरत होगी, बाकी सभी राज्य उसे देते रहेंगे।