पूर्वांचल प्रहरी संवाददाता डलमरा : मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने आज कार्बी आंग्लांग जिले के डलमरा में 'छक् फे-एह' मैदान में लखिमन संघ की ओर से आयोजित 'माइहंगजई आमाई' धार्मिक एकता रैली में भाग लिया। उन्होंने लखिमन धर्म के संस्थापक, गुरु लखन इंग्ती हेनसेक की समाधि स्थल का भी दौरा किया और आधिकारिक तौर पर आध्यात्मिक गुरु की एक प्रतिमा का अनावरण किया और 'छक् फे-एह' पर्वत शृंग पर निर्माण होने वाले प्रस्तावित तृतीय मूल लखिमन मंदिर की आधारशिला रखी। उन्होंने लखिमन आश्रम के नवनिर्मित प्रवेश द्वार का आधिकारिक उद्घाटन भी किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने लखिमन धर्म को सुधारोन्मुख धर्म बताया और कहा कि गुरु लखन इंग्ती हेनसेक ने अहिंसा, संयम, शांति, मित्रता, धैर्य, विचार, भक्ति, विश्वास का संदेश फैलाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्म सुधार और निर्वाण प्राप्ति या दुख से मुक्ति का मार्ग दिखाता है।
प्रत्येक धर्म मुक्ति का कोई न कोई मार्ग बताता है। लखिमन धर्म कर्म, भक्ति और ज्ञान के मार्ग को सच्ची मुक्ति का मार्ग बताता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लखिमन संघ द्वारा आयोजित धार्मिक एकता सभा गुरु लखिमन इंग्ती हेनसेक के आदर्शों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री ने औपचारिक रूप से घोषणा की कि राज्य सरकार लखिमन आश्रम के प्रस्तावित तीसरे मुख्य लखिमन मंदिर के निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपए प्रदान करेगी। इस अवसर में असम विधानसभा के उपाध्यक्ष डॉ. नोमल मोमिन, विधायक दर सिंह रांगहांग, विद्यासिंह इंगलेंग, रूपसिंग टेरोन, कार्बी आंग्लांग स्वायत्त परिषद के मुख्य कार्यकारी सदस्य डॉ. तुलीराम रांगहांग और परिषद के सदस्य शामिल हुए।