गुवाहाटी : ऑनलाइन ट्रेडिंग घोटाले में पर्याप्त जानकारी की तलाश में सीबीआई ने शनिवार को गुवाहाटी में सुमी बोरा के फ्लैट सहित राज्य में 15 स्थानों पर तलाशी ली। गौरतलब है कि सीबीआई ऑनलाइन ट्रेडिंग घोटालों के पांच मामलों की जांच कर रही है। अनियमित जमा योजनाओं की बिक्री अधिनियम के तहत सीबीआई राज्य में 15 स्थानों पर आरोपियों के घरों और कार्यालयों में तलाशी ले रही है। सीबीआई तेजपुर,दलगांव, बाक्सा और गुवाहाटी में तलाशी अभियान चला रही है। सीबीआई ने शनिवार को डिब्रूगढ़ ट्रेडिंग घोटाले के आरोपियों में से एक सुमी बोरा के गुवाहाटी के पाथरकुएरी स्थित हिलव्यू अपार्टमेंट में उनके फ्लैट पर छापा मारा। सीबीआई ने सुमी बोरा के फ्लैट से बैंक खाते और कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए। यहां उल्लेखनीय है कि गुवाहाटी पुलिस ने पहले पाथरकुएरी में सुमी बोरा के फ्लैट से एक लक्जरी वाहन जब्त किए थे। ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ो रुपए का गबन करने वाले सुमी बोरा और तार्किक बरा को सीबीआई द्वारा हिरासत में नहीं लेने पर लोगों में नकारात्मक प्रतिक्रिया देखी गई थी। ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर अरबों रुपए गबन करने वाले सुमी बोरा और तार्किक बोरा को सीबीआई ने हिरासत में क्यों नहीं लिया इसे लेकर निवेशकों और आम जनता में कई तरह के सवाल उठे। ऑनलाइन ट्रेडिंग घोटाला मामले को सीबीआई को ट्रांसफर करने के बाद निवेशक न्याय की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन निवेशकों ने कल सीबीआई की भूमिका को हल्के में नहीं लिया। यहां उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने शुक्रवार को ऑनलाइन ट्रेडिंग घोटाले के आरोपियों में से सुमी बोरा, तार्किक बोरा और अम्लान बोरा को गुवाहाटी के चांदमारी स्थित सीबीआई की विशेष अदालत के समक्ष पेश किया था। सीबीआई ने सुमी बोरा और तार्किक बोरा को हिरासत में लेने के लिए कोई मांग नहीं की और अदालत ने उन्हें गुवाहाटी सेंट्रल जेल भेज दिया। वहीं दूसरी ओर, गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने गुरुवार को अम्लान बोरा को जमानत दे दी और उन्हें गुवाहाटी सेंट्रल जेल भेज दिया। सुमी, तार्किक और अम्लान को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश की अदालत से सीधे गुवाहाटी सेंट्रल जेल ले जाया गया। एक अंदरूनी सूत्र ने कहा कि अम्लान बोरा, जिन्हें अदालत ने जमानत दे दी थी, के जेल से रिहा होने की संभावना है। इस बीच, निवेशकों ने सवाल किया है कि क्या सुमी बोरा और तार्किक बोरा को भी अम्लान बोरा की तरह जमानत मिलेगी?