बर्लिन का पूर्व स्कूल टीचर नरभक्षी बन गया। एक शख्स की बेरहमी से हत्या कर उसके प्राइवेट पार्ट को अपना निवाला बना लिया। शरीर के बाकी बचे हिस्से को टुकड़े-टुकड़े कर शहर के कई हिस्सों में फेंक दिया। अब कोर्ट ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है। फैसले के वक्त जज ने कहा कि नरभक्षी कल्पनाओं के लिए अमानवीय वारदात को अंजाम दिया गया। पीठासीन न्यायाधीश मैथियास शेर्ट्ज ने अपने फैसले में कहा कि स्टीफन आर ने अपनी नरभक्षी होने की शौक को पूरा करने के लिए अपराध को अंजाम दिया, ये बहुत ही अमानवीय है। एक न्यायाधीश के तैर पर पिछले 30 वर्षों में इससे पहले मेरे टेबल पर ऐसा कोई मामला नहीं आया था। आरोपी स्टीफन, जिसे हत्या और एक लाश को अपवित्र करने का भी दोषी ठहराया गया था, वो चुपचाप और भावहीन होकर कोर्ट ने खड़ा रहा। अदालत से उसे आजीवन कारावास की सजा मिली। कोर्ट में बताया गया कि नरभक्षी स्कूल टीचर स्टीफन आर से स्टीफन टी की मुलाकात डेटिंग ऐप पर हुई थी। इसके बाद दोनों घर पर मिले। स्टीफन आर ने स्टीफन टी को खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया। फिर गला काटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसके प्राइवेट पार्ट को काफी सावधानी से काटकर उसे खा गया। न्यायाधीश शेर्ट्ज ने कहा कि शुरू से अंत तक की घटनाएं काफी अविश्वसनीय है। पूरा का पूरा ये नरभक्षण का मामला है।