नई दिल्ली : पूरी दुनिया इस समय कोरोना के ओमिक्रोन वैरिएंट के संक्रमण के कारण परेशान है। कोरोना का बेहद संक्रामक माने जाने वाला यह वैरिएंट भारत के लिए भी गंभीर समस्या का कारण बना हुआ है। पिछले एक महीने के भीतर ओमिक्रोन वैरिएंट के कारण रोजाना संक्रमण के मामलों में भारी उछाल देखने को मिला है। लगभग दो साल से कोरोना के कारण परेशान लोगों के मन में इस समय सिर्फ एक ही बात चल रही है कि आखिर इस समस्या से दुनिया को छुटकारा कब मिल पाएगा? हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट में वैज्ञानिकों ने राहत भरी जानकारी देते हुए संकेत दिए थे कि समय के साथ कोरोना का वायरस कमजोर होता जा रहा है, ऐसे में आने वाले वर्षों में कोरोना भी इन्फ्लूयंजा वायरस की तरह ही रह जाएगा। हालांकि इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रमुख डॉ टेड्रोस अधनोम घेब्रेसियस ने जो बातें कही हैं वह निश्चित ही डराने वाली  हैं। डब्लूएचओ की एक मीटिंग में डॉ टेड्रोस ने कहा कि कोरोना वायरस को लेकर दुनियाभर के लोगों अलर्ट रहने की आवश्यकता है। आने वाले वर्षों में कोरोना के और भी वैरिएंट्स सामने आ सकते हैं, ओमिक्रोन को आखिरी नहीं माना जा सकता है। हमें लगातार इस बारे में अलर्ट रहने की आवश्यकता है। आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में विस्तार से जानते हैं। डब्ल्यूएचओ की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ओमिक्रोन दुनियाभर के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है। जिस तरह से वैश्विक स्तर पर इसका उच्च स्तरीय संक्रमण देखने को मिल रहा है, ऐसे में आने वाले समय में वायरस में म्यूटेशन के साथ नए वैरिएंट्स के सामने आने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में हमें फिलहाल सुरक्षात्मक उपायों का पालन करते हुए वायरस से मुकाबले के जरूरत है साथ ही आगे के लिए भी तैयार रहना होगा।  डब्ल्यूएचओ में कोविड-19 तकनीकी प्रमुख मारिया वान केरखोव कहते हैं, हम सुन रहे हैं कि बहुत से लोग सुझाव देते हैं कि ओमिक्रोन, कोरोना का अंतिम संस्करण है, इसके बाद कोरोना खत्म हो गया है। इस तरह की बातें लोगों को भ्रमित कर सकती हैं। जिस तेजी से यह वैरिएंट दुनियाभर में फैला है ऐसे में इसके म्यूटेशन से नए वैरिएंट्स का खतरा बना हुआ है। इस समय हम सभी को कोरोना से बचाव के उपायों जैसे मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर बेहद सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। केवल इन उपायों का पालन करते रहने से ही संक्रमण के भविष्य की लहरों को रोकने में मदद मिल सकती है। डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने संबोधन के दौरान कहा कि कई सारी रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि ओमिक्रोन के साथ कोरोना का खात्मा हो जाएगा, हालांकि वास्तिकता इससे शायद अलग है।