नई दिल्ली : मंगलवार को अपने चौथे बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इलेक्टि्रक वाहनों के लिए बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण पर जोर दिया है। अपने बजट भाषण में केंद्रीय वित्त मंत्री ने एलान किया कि सरकार जल्द ही बैटरी स्वैपिंग पॉलिसी लेकर आएगी। बैटरी स्वैपिंग सुविधा का फायदा यह होगा कि इलेक्टि्रक व्हीकल (ईवी) में बैटरी चार्जिंग की समस्या खत्म हो जाएगी। साथ ही कोई भी ईवी वाहन स्वामी अपनी डिस्चार्ज बैटरी के बदले फुल चार्ज बैटरी ले सकता है। सरकार के इस नीति के लाने से लोगों में इलेक्टि्रक गाड़ियां खरीदने को लेकर झिझक दूर होगी।  वित्त मंत्री ने बजट 2022-23 के लिए अपने भाषण के दौरान कहा कि चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए शहरी क्षेत्रों में जगह की कमी को ध्यान में रखते हुए नीति लाई जा रही है। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इंटरऑपरेबिलिटी मानकों को तैयार करेगी। वहीं ईवी इंफ्रास्ट्रख्र में सुधार होने पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट में ग्रीन तकनीक को बढ़ावा मिलेगा। बैटरी स्वैपिंग पॉलिसी के आने से सरकार बैटरी बनाने के लिए प्राइवेट सेक्टर को बढ़ावा देगी। अपने भाषण में उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ई-व्हीकल्स के विकास के लिए स्पेशल मोबिलिटी जोन बनाएगी। भारत ने 2030 तक निजी कारों के लिए 30 फीसदी प्रतिशत ईवी की बिक्री, वाणिज्यिक वाहनों के लिए 70 फीसदी, बसों के लिए 40 फीसदी और दोपहिया-तिपहिया वाहनों के लिए 80 फीसदी का लक्ष्य रखा है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत में 9,74,313 पंजीकृत इलेक्टि्रक वाहन हैं। लेकिन ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिअंसी (बीईई) के अनुसार, ईवी गाडç¸यों की संख्या की तुलना में, पूरे देश में अब तक केवल 1,028 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन (पीसीएस) स्थापित किए गए हैं।