नई दिल्ली : वो जब दिन को रात कहे, तो तुरंत मान जाओ.. नहीं मानोगे तो, वो दिन में नकाब ओढ़ लेंगे... जरूरत हुई तो हकीकत को थोड़ा-बहुत मरोड़ लेंगे... वो मगरूर हैं खुद की समझ पर बेइंतहा... इन्हें आइना मत दिखाओ, वो आइने को भी तोड़ देंगे... ये वो लाइनें हैं जो प्रधानमंत्री ने संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब देते हुए विपक्ष पर तंज कसने के लिए इस्तेमाल कीं। मोदी लोकसभा में सोमवार शाम 5 बजकर 26 मिनट पर बोलने खड़े हुए और 7 बजकर 6 मिनट तक बोले। पूरे 100 मिनट के भाषण में न मोदी ने विष्णु पुराण का श्लोक पढ़ा। तमिल महाकवि सुब्रमण्यम भारती की कविता के जरिए राष्ट्रीय एकता पर बात की, तो कांग्रेस को टुकड़े-टुकड़े गैंग का लीडर बताने से भी नहीं चूके। मोदी ने अपने मैराथन भाषण में कई बार नेहरू का जिक्र किया। महंगाई से लेकर देश की एकता को लेकर कांग्रेस पर तंज कसने के लिए वे नेहरू के भाषणों के अंश पढ़ते रहे। उन्होंने कांग्रेस सांसदों पर चुटकी लेते हुए कहा- आपको शिकायत रहती है कि मैं नेहरू का जिक्र नहीं करता, इसलिए आज के भाषण में नेहरू की तमाम बातें होंगी। प्रधानमंत्री ने यही किया भी और नेहरू के लाल किले पर दिए भाषण से लेकर राष्ट्र पर उनके बयान को दोहराया। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कांग्रेस पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस विभाजन की राजनीति करती है। वह टुकड़े-टुकड़े गैंग की लीडर बन गई है। यह कांग्रेस की परंपरा है, जो अंग्रेजों से विरासत में मिली है। इसके बाद मोदी ने विष्णु पुराण से संस्कृत श्लोक पढ़कर देश की एकता के मायने समझाए। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में तमिल तमिल सेंटिमेंट को हवा देकर सीडीएस बिपिन रावत का पार्थिव शरीर रास्ते से निकल रहा था, उस वक्त तमिल भाई-बहन वीर वडक्कम-वीर वडक्कम का नारा लगा रहे थे। राष्ट्रीय एकता का उदाहरण देने के लिए उन्होंने महान तमिल तमिल कवि सुब्रमण्यम भारती की कविता का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि संसद में संविधान का अपमान किया गया। कांग्रेस ये अपमान क्यों कर रही है? संविधान में राष्ट्र शब्द नहीं है, यह कहकर देश का अपमान किया गया। राष्ट्र कोई सरकार की व्यवस्था नहीं, राष्ट्र हमारे लिए जीवित आत्मा है। पीएम  ने कहा कि मैं आपसे फिर कहता हूं.. कि आजाद हिंदुस्तान है... आजाद हिंदुस्तान की सालगिरह हम मनाते हैं, लेकिन आजादी के साथ जिम्मेदारी होती है... जिम्मेदारी खाली हुकूमत की नहीं... जिम्मेदारी हर एक आजाद शख्स की होती है... अगर आप उसे महसूस नहीं करते... आप आजादी के मायने नहीं समझते.. तो आप आजादी को बचा नहीं सकते हैं...। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की सत्ता में आने की इच्छा खत्म हो चुकी है। अब वह इस सोच पर चल रही है कि जब कुछ मिलने वाला नहीं है तो कम से कम बिगाड़ तो दो। ऐसे कई लोग आए और चले गए, लेकिन देश का कुछ नहीं हुआ। यह देशराहुल पर तंज करते हुए कहा कि कुछ लोग बोलकर भाग जाते हैं। मोदी के भाषण में विपक्ष की टोका-टोकी, सत्ता पक्ष का समर्थन और हास-परिहास से लेकर कांग्रेस पर तीखी टिप्पणियां तक देखने मिलीं। जब मोदी राहुल के इकोनॉमी को कोरोना का डबल वैरिएंट कहने वाले बयान का जवाब दे रहे थे, तो राहुल सदन में मौजूद नहीं थे। इस पर मोदी ने तंज कसा कि कुछ लोग बोलकर भाग जाते हैं और भुगतना इन लोगों (कांग्रेस सांसदों) को पड़ता है। इस पर सत्ता पक्ष के सांसद हंसने लगे।  प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में नाम लिए बिना राहुल गांधी को भी जवाब दिया। मोदी ने कहा कि  देश के उद्यमियों को कोरोना वैरिएंट कहना ठीक नहीं है। दरअसल राहुल ने बुधवार को डबल वैरिएंट फैल रहा है। डबल  यानी अंबानी और अडाणी। उन्होंने कहा था कि दो हिन्दुस्तान बन रहे हैं, एक अमीरों का हिन्दुस्तान और दूसरा गरीबों का हिन्दुस्तान, इन दो हिन्दुस्तानों के बीच में खाई बढ़ती जा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते दो साल से पूरी दुनिया 100 साल का सबसे बड़ा वैश्विक महामारी का संकट झेल रही है। इस कोरोना को भी दलगत राजनीति के लिए प्रयोग किया गया, ये मानवता के लिए सही नहीं है। मोदी ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि उल्टी टोपी क्यों पहन रहे हैं। प्रधानमंत्री के बयान इस पर सदन में विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया।मोदी ने कहा कि हम सब संस्कार से, व्यवहार से लोकतंत्र के लिए प्रतिबद्ध लोग हैं और आज से नहीं, सदियों से हैं। ये भी सही है कि आलोचना जीवंत लोकतंत्र का आभूषण है, लेकिन अंध विरोध लोकतंत्र का अनादर है।