नई दिल्ली : देश के बैंकिंग इतिहास के सबसे बड़ा घोटाला करने वाली कंपनी एबीजी शिपयार्ड के निदेशकों के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया गया है। सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्रवाई 22,842 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी के मामले में की गई है। सूरत की कंपनी एबीजी शिपयार्ड की ओर से किए गए इस घोटाले के सामने आने के बाद पूरा देश हैरत में है। सीबीआई ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए कंपनी के पूर्व अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक ऋषि कमलेश अग्रवाल समेत आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जानकारी के मुताबिक, एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड ने देश की अलग-अलग 28 बैंकों से कारोबार के नाम पर 2012 से 2017 के बीच कुल 28,842 करोड़ रुपये का ऋण लिया था। कंपनियों पर आरोप है कि बैंक धोखाधड़ी के जरिए प्राप्त किए गए पैसे को विदेशों में भेजकर अरबों रुपये की संपत्तियों की खरीद की गई। आठ जनवरी 2019 को अर्नस्ट एंड यंग एलपी की ओर से दाखिल अप्रैल 2012 से जुलाई 2017 तक की फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट की जांच में सामने आया है कि कंपनी ने गैरकानूनी गतिविधियों के जरिये बैंक से कर्ज में हेरफेर किया और रकम ठिकाने लगा दी। इस रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी का पूर्व एमडी (प्रबंध निदेशक) ऋषि कमलेश अग्रवाल पहले ही देश छोड़कर भाग चुका है और सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि वह इस समय सिंगापुर में रह रहा है। बता दें कि बैंकों का ये भारी-भरकम लोन की राशि जुलाई 2016 में एनपीए (अनर्जक परिसंपत्ति) घोषित हो गई थी।