कीव : यूक्रेन में रूस के हमले से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। हजारों भारतीय अभी भी यूक्रेन के कई शहरों में फंसे हुए हैं। इस बीच कीव से राहत की खबर है। यहां कर्फ्यू हटते ही स्पेशल ट्रेन शुरू हो गई हैं। इससे वहां बंकरों में तीन दिन से फंसे छात्र बॉर्डर की ओर रवाना हुए हैं। उधर, रोमानिया बॉर्डर पर कुछ स्टूडेंट्स को खुले आसमान में दो दिन बिताने पड़े। इस बीच कीव में कर्फ्यू हट गया है। यूक्रेन सरकार ने स्पेशल ट्रेनें शुरू कर दी हैं। वहीं कीव में मेडिकल छात्रों ने हमले से बचाव के लिए अपने हॉस्टल की खिड़कियों पर तिरंगा लगाना शुरू कर दिया है। यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों न रूसी सेना व बमवर्षक विमानों से बचने का नया तरीका अपना लिया है। छात्र अपने हॉस्टलों के बाहर तिरंगे को लगा रहे हैं,ताकि वहां रूसी सेना हमला न करे। एक ऐसी ही तस्वीर यूक्रेन के कीव से मेडिकल छात्रों ने अपने हॉस्टल से भेजी है। छात्रों का कहना है कि उन्हें पूरा भरोसा है कि इस बुरे वक्त में तिरंगा ही उनका एक मात्र रक्षक सिद्ध होगा। यूक्रेन में फंसे रोहतक के विजय नगर के छात्र मोहित ने बताया कि उनके जैसे कई छात्रों को यूक्रेन की सीमाओं से लौटा दिया गया है। भारतीय छात्रों को अब पोलैंड, रोमानिया, हंगरी व स्लोवाकिया की सीमा में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। ऐसे में फिर से हॉस्टल लौटे छात्र अपना बचाव तिरंगा लगाकर करने की कोशिश कर रहे हैं। कीव व अन्य शहरों के ज्यादातर कॉलेजों के हॉस्टलों पर भारतीय छात्र तिरंगा लगा चुके हैं। वहीं अगर कहीं मूवमेंट भी कर रहे हैं तो तिरंगे लेकर ही कर रहे है। यूक्रेन की राजधानी कीव से बड़ी खबर है। यहां सोमवार सुबह कर्फ्यू हटाकर भारतीय छात्रों को बाहर निकालने के लिए स्पेशल ट्रेन शुरू की गई है। यह ट्रेन दोपहर 12.30 बजे रोमानिया बॉर्डर के लिए निकली। बंकर में फंसे स्टूडेंट्स के लिए यह निश्चित ही राहत की खबर है। दरअसल, कीव, खार्किव और आसपास के शहरों में रूस और यूक्रेन की सेना के बीच गोलीबारी के साथ ही बमबारी भी हो रही है। रविवार को कीव के एक मेडिकल कॉलेज के सामने धमाका होने के बाद से इंडियन स्टूडेंट्स दहशत में आ गए हैं। बंकर में उन्हें खाने-पीने जैसी जरूरी चीजों की भी दिक्कत होने लगी है।