गुवाहाटी : बीते सोमवार को उत्तर प्रदेश सहित देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण की समाप्ति के बाद रातों-रात थोक बाजार में रॉड की कीमत में बेतहाशा वृद्धि हो गई। प्राप्त तथ्य के अनुसार पिछले 11 दिसंबर को प्रति मैट्रिक टन रॉड की कीमत थी 57,500 रुपए थी, जो 15 फरवरी तक बढ़कर 65,200 रुपए हो गई और इसके बाद 4 मार्च को प्रति मैट्रिक टन रॉड की कीमत 76,000 रुपए हो गई। सोमवार को चुनाव संपन्न हो जाने के बाद मंगलवार को अविश्वसनीय रूप में प्रति मैट्रिक टन रॉड की कीमत 76,000 हजार रुपए से बढ़कर 80,000 हजार रुपए हो गई। दुर्गापुर में मंगलवार को प्रति मैट्रिक टन रॉड की कीमत 82,000 हजार रुपए हो गई। कहीं कहीं प्रति मैट्रिक टन रॉड की कीमत 90,000 हजार रुपए तक हो गई है। रॉड की कीमत में बढ़ोत्तरी के कारण निर्माणकारी संस्थाओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत है कि शासक दल भाजपा ने चुनाव से पहले उद्योगों तथा व्यवसायियों से जो चंदा लिया था उसकी भरपाई करने के लिए उन्होंने इच्छानुसार रॉड की कीमत में बढ़ोत्तरी कै। ऐसी स्थिति में सरकार भी चुप बैठी है। बड़ी निर्माण संस्थाओं के अलावा आम जनता को भी इस बढ़ोत्तरी के कारण अपने मकान के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने में मुश्किल हो रही है। कुछ ही दिनों में प्रति मैट्रिकटन रॉड की कीमत 1 लाख रुपए तक पहुंच जाने की संभावना है।
विस चुनाव की समाप्ति के साथ रातों रात बढ़ गई रॉड की कीमत