नई दिल्ली : केंद्रीय सरकार की कथित जन विरोधी नीति के विरोध में केंद्रीय ट्रेड यूनियन और फेडरेशनों के समूह ने देश भर में दो दिवसीय हड़ताल के साथ चक्का बंद की  घोषणा की है।  देशभर में सोमवार से  48 घंटे का मोटर श्रमिक हड़ताल करेंगे।  केंद्रीय ट्रेड यूनियनंस एंड इंप्लाईज फेडरेशन, आसाम ने भी समर्थन देते हुए राज्यवासियों से सहयोग का अह्वान किया है। आईएनटीयूसी, एआईटीयूसी, एचएमएस, सीटू, एआईसीसीटीयू, एआईयूटीयूसी, यूटीयूसी, टीयूसीसी ने समर्थन जताया है। परंतु इसका असर परीक्षा के साथ दवा,पानी के साथ अत्यावश्यकीय सेवा पर कोई असर नही होगा। ट्रेड यूनियन और कर्मचारी फेडरेशन के समूहों का संयुक्त मंच की ओर से  रमेन दास  तथा  बीरेन शर्मा ने दी। उनका कहना है कि मोटर श्रमिक संगठनो ने मोटर श्रमिक कल्याण योजना को शीघ्र लागू करने,अत्याधिक जुर्माना वसूलने, मोटर श्रमिक संगठनो ने मोटर श्रमिक कल्याण योजना को शीघ्र लागू करने,दैनिक मजदूरी 800 रुपए देने के साथ, श्रमिक विरोधी श्रम संहिता को रद्द करने, कोरोना काल से प्रभावित सभी मोटर श्रमिक को सहायता देने की मांग में केंद्रीय ट्रेड यूनियन और फेडरेशनों  ने देश भर में काम बंद कर हड़ताल के साथ चक्का जाम करेंगे। दूसरी ओर इससे बैंकों का कामकाज भी आंशिक रूप से प्रभावित हो सकता है। बैंक कर्मचारियों की यूनियनों के एक वर्ग ने सोमवार और मंगलवार की इस हड़ताल का समर्थन किया है। सरकार की जन-विरोधी आर्थिक नीतियों और श्रमिक विरोधी नीतियों के विरोध में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच और विभिन्न क्षेत्रों की स्वतंत्र श्रमिक यूनियनों ने दो दिन की हड़ताल का आह्वान किया है। इनकी प्रमुख मांगों में श्रम संहिता को समाप्त करना, किसी भी प्रकार के निजीकरण को रोकना, राष्ट्रीय मौद्रीकरण पाइपलाइन (एनएमपी) को समाप्त करना, मनरेगा के तहत मजदूरी के लिए आवंटन बढ़ाना और ठेका श्रमिकों को नियमित करना शामिल है। ऑल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन (एआईबीईए) ने कहा कि हमने हड़ताल के इस आह्वान का समर्थन करने का फैसला किया है।