गुवाहाटी : अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के अध्यक्ष प्रवीण तोगडिय़ा ने आज मंगलवार को असम में 1951 के कटऑफ वर्ष के साथ एक नए राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी)बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर अभी उचित कदम नहीं उठाए गए तो अब से 20 साल बाद असम में कश्मीर जैसे संकट उत्पन्न हो जाएंगे,वैसी स्थिति में असम फाइल्स जैसी फिल्म बनानी पड़ेगी। श्री तोगडिय़ा ने उपरोक्त आशय की बातें आज गुवाहाटी प्रेस क्लब में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कही। मौके पर उपस्थित पत्रकारों से गुफ्तगू करते हुए उन्होंमे कहा कि अगर सरकार कश्मीर जैसी स्थिति को रोकना चाहती है तो वह1951 कटऑफ ईयर के साथ एक नया एनआरसी तैयार करने के लिए तत्काल कदम उठाए। एक ही देश में दो कटऑफ तारीखें क्यों होनी चाहिए? यदि शेष भारत के लिए किसी विदेशी की पहचान करने के लिए कटऑफ वर्ष 1951 है तो असम में एनआरसी की भी समान कटऑफ तिथि होनी चाहिए। इस हिंदू राष्ट्रवादी नेता ने असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा की जमकर प्रशंसा की और कहा कि मुख्यमंत्री ने असम की जमीन को अवैध बांग्लादेशी अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराया है। उसी तरह उन्हें असम को भी अवैध बांग्लादेशियों से मुक्त कराने के लिए काम करना चाहिए। असम में करीब 50 लाख बांग्लादेशी हैं। उनका पता लगाया जाना चाहिए,उन्हें अलग किया जाना चाहिए और फिर निर्वासित किया जाना चाहिए। यह दुख की बात है कि भले ही यहां केंद्र और राज्य सरकार दोनों में भाजपा की सरकार है, फिर भी अवैध घुसपैठिए खुलेआम घूम- फिर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि बांग्लादेश अवैध विदेशियों को वापस लेने के लिए सहमत नहीं हैं तो केंद्र को बांग्लादेश के अंदर एक क्षेत्र पर कब्जा करना चाहिए और उन्हें वहां बसाना चाहिए। उन्होंने यह भी वकालत की कि कश्मीरी पंडितों के साथ जो हुआ उसकी पुनरावृत्ति न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए देशभर में दो बच्चे नीति को लागू करने की आवश्यकता है। तोगडिय़ा ने सत्तारूढ़ भाजपा पर फिल्म द कश्मीर फाइल्स का फायदा उठाने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया, लेकिन कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने असम में मंदिर, मठ व सत्र की हजारों एकड़ भूमि को बांग्लादेशियों से मुक्त कराने, ड्रग्स के खिलाफ व्यापक अभियान चलाकर युवाओं को बचाने के साथ ही मदरसा का ग्रांट बंद करने के लिए असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उनका कहना है कि राज्य सरकार ऐतिहासिक हीरो वीर लाचित बरफूकन की तरह अदम्य साहस दिखाए और असम की सार्वजनिक भूमि को विदेशियों से मुक्त कराए। सरकार के इस अहम काम में हमारा हमेशा सहयोग रहेगा।डॉ तोगडिय़ा ने राज्य व केंद्र सरकार से 1 करोड़ खाली पदों पर अति शीघ्र नियुक्ति,केंद्र सरकार की ओर से बन रहे ई-श्रम कार्ड धारकों को हर साल 6 हजार रुपए देने की मांग की।
वर्ष 1951 के आधार पर बने नया एनआरसी : तोगडिय़ा