जोरहाट : पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बरसात के कारण ऊपरी असम के कई हिस्सों में बाढ़ ने भी तांडव मचाना शुरू कर दिया है। ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ जाने के कारण कई इलाकों में बाढ़ का पानी घुसने लगा है। इधर ब्रह्मपुत्र के बढ़ते जलस्तर को लेकर चिंता जताते हुए जोरहाट जिला प्रशासन ने कल एक निर्देश जारी करते हुए सोमवार से जोरहाट-माजुली के बीच चलने वाली फेरी सेवा को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया था। उक्त निर्देश के तहत आज से फेरी का अवागमन पूरी तरह से बंद रहा। वहीं आज सुबह ब्रह्मपुत्र के जलस्तर ने खतरे के निशान को पार कर दिया। निमातीघाट के अलावा जोरहाट जिले के कई हिस्सों में भी ब्रह्मपुत्र का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। जोरहाट वाटर रिसोर्स डिवीजन द्वारा दी गई रिपोर्ट में निमातीघाट में ब्रह्मपुत्र का जलस्तर खतरे के निशान से 0.14 मीटर ऊपर बह रहा है। निमाटीघाट में खतरे का निशान 85.54 मीटर पर है, लेकिन शाम तक जलस्तर 85.68 मीटर पर स्थिर था। वहीं दूसरी तरफ माजुली वाटर रिसोर्स कंट्रोल रूम द्वाराजारी की गई रिपोर्ट के अनुसार कमलबाड़ी में बह्मपुत्र नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। मालूम हो कि कमलाबाड़ी में खतरे का लेवल 84.90 मीटर है और शाम छह बजे जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका था,वहीं जेंगराईमुख में बहने वाले सुवनसिरी नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान को पार कर चुका है। कुल मिलाकर देखा जाए तो ऊपरी असम में ब्रह्मपुत्र व सहायक नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण स्थिति और खराब होती दिख रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार ब्रह्मपुत्र का बहाव काफी तेज होने के कारण फेरियां विपरित दिशा में गति नहीं ले पा रही है, जिसके चलते प्रशासन ने फेरी सेवा बंद कर दी है। इतना ही नहीं, पहाड़ से कटकर लकड़ी के बड़े-बड़े कुंदे नदी में बह रहे हैं, जो फेरी आवागमन के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकता है।
निमातीघाट पर ब्रह्मपुत्र ने खतरे के निशान को किया पार