नई दिल्ली : ताइवान पर हमले की योजना बनाते हुए चीनी सेना का एक ऑडियो लीक होने से सनसनी फैल गई है। यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से ही अमरीका कई बार ये आशंका जता चुका है कि चीन भी ताइवान पर हमला कर सकता है। उधर अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा है कि अगर चीन ताइवान पर हमला करता है तो अमेरिका ताइवान की मदद के लिए अपनी सेना भेजेगा। इसके जवाब में चीन ने कहा है कि अमरीका आग से खेल रहा है और ‘ताइवान कार्ड’ से वह अपने हाथ जला लेगा। चीन में जन्मी एक मानवाधिकार कार्यकर्ता जेनिफल झेंग ने ताइवान पर हमले की योजना बनाते हुए चीनी सेना के टॉप अधिकारियों की सीक्रेट मीटिंग की ऑडियो क्लिप जारी की हैं। 57 मिनट के इस ऑडियो में चीनी मिलिट्री यानी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के अधिकारियों को ताइवान से युद्ध के समय आर्मी के इस्तेमाल, ताइवान को घेरने और उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई की योजना बनाते सुना जा सकता है। जेनिफर झेंग ने एक ट्वीट में दावा किया है कि 1949 में चीनी सेना के गठन के बाद पहली बार है, जब चीनी सेना के अफसरों की टॉप सीक्रेट मीटिंग की बातचीत लीक हुई है। इसके लिए चीनी सेना के एक लेफ्टिनेंट जनरल और तीन मेजर जनरलों को मौत की सजा दे दी गई है। कई अन्य अधिकारियों को जेल भेज दिया गया है। इस ऑडियो लीक को चीन की सत्ताधारी कम्युनिट पार्टी ऑफ चाइना यानी सीपीसी में विद्रोह का सबसे बड़ा सबूत माना जा रहा है। चीनी सेना के लीक ऑडियो में ताइवान के खिलाफ ऑपरेशन के दौरान चीन को अपने ग्वांगडोंग प्रांत में स्थित पर्ल नदी डेल्टा को सुरक्षित बनाने के लिए एक ‘सी डिफेंस ब्रिगेड’ बनाने की बात कही जा रही है। घनी आबादी वाला पर्ल नदी डेल्टा वाला इलाका चीनी इंडस्ट्री की धडक़न माना जाता है, जो चीन के 11 बड़े शहरों से मिलकर बना है।
ताइवान पर 1.5 लाख सैनिकों व एक हजार जंगी जहाजों से हमले की तैयारी