चावल खाना हिंदुस्तान में सभी को पसंद होता है। पूजा-पाठ में इस्तेमाल से लेकर छोटे-बड़े समारोह सभी में चावल से बने व्यंजनों का अपना महत्व होता है। घरों में अक्सर दाल-चावल, राजमा-चावल, फ्राइड राइस, छोले-चावल, बिरयानी, पुलाव बनते ही रहते हैं। चावल खास कर बच्चों को बहुत पसंद होता है। वैसे तो इसे कार्बोहाइड्रेट का मुख्य स्रोत माना गया है, लेकिन इसमें मैग्नीशियम, आयरन, सोडियम, प्रोटीन, विटामिन बी6, कैल्शियम, फाइबर तथा वसा जैसे पोषक तत्व भी चावल में मौजूद होते हैं। चावल आपकी सेहत के लिए फायदेमंद हैं लेकिन अगर इसे सीमित मात्रा में खाया जाए तो। साथ ही अपने सुना होगा कि चावल वजऩ बढ़ता है लेकिन ये बात तब सही है जब आप इसे गलत समय पर खाते हैं। तो आइए जानते हैं चावल को किस समय खाना चाहिए जिससे आप एनर्जेटिक रहे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार लंच यानी दोपहर के भोजन में आहार में चावल को शामिल करना सबसे बेहतर होता है। क्योंकि इस वक्त आपका डाइजेस्टिव सिस्टम कुछ भी पचा सकता है। काब्र्स आपके शरीर में ऊर्जा पैदा करते हैं। इसलिए दपहर के वक्त चावल खाना चाहिए। सही समय पर अगर आप चावल खाएंगे तो आपको कई तरह से फायदा होगा।
इस रोग से मिलेगी छुट्टी : जिन लोगों को रुक-रुक कर या कम पेशाब आने और पेशाब में जलन की समस्या है, वे लोग चावल को आहार में शामिल कर सकते हैं। इसके अलावा, चावल का पानी पीना भी मूत्र रोग से पीडि़त व्यक्ति के लिए फायदेमंद हो सकता है। चावल की तासीर ठंडी होती है जिससे आपका पेट ठंडा रहता है।
मजबूत हड्डियों के लिए : बुजुर्गों में हड्डियों से संबंधित समस्याएं होना तो आम बात है, परंतु आजकल उम्र से पहले ही लोगों को जोड़ों के दर्द, हड्डियों में आवाज आने जैसी समस्याएं होने लगी हैं, जो बिल्कुल भी सही नहीं है। आप डेरी से जुड़े प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल क्र अपनी हड्डियां मजबूत कर सकते हैं।
पाचन के लिए : आपका पेट चावल तुरंत पचा लेता है। इसके अलावा, चिकित्सकों द्वारा भी पेट से जुड़ी बीमारियों में चावल खाने की सलाह दी जाती है। चावल डाइजेस्टिव सिस्टम के लिए काफी अच्छा स्त्रोत है।