नई दिल्ली :  मोदी सरकार के आज आठ साल पूरे हो गए हैं। इस मौके पर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने दिल्ली हेडक्वार्टर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि देश आज आजादी का अमृत महोत्सव भी मना रहा है और आज देश मोदी सरकार के 8 साल- सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को भी मना रहा है। सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण, ये मोदी सरकार के काम करने का तरीका है, ये मोदी सरकार की आत्मा है। उन्होंने इस दौरान नमो एप का नया संस्करण भी लांच किया। नमो एप पर सरकार की उपलब्धियों का ब्योरा है। उन्होंने कहा कि योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार का लक्ष्य है। भ्रष्टाचार, परिवारवाद पर हमने चोट की। हमारी योजनाएं  गरीबों और अंतिम पायदान के व्यक्ति के लिए। पहले योजनाएं केवल कागज पर बनती थीं। अब ऐसा नहीं होता। कोरोना में सरकार ने पूरी ताकत से काम किया। पीएम मोदी के नेतृत्व में काम करने के तरीकों में बदलाव आया है। पीएम ने भारतीय राजनीति की संस्कृति बदली है। सरकार के काम करने की शैली भी आज बदल गई है। उन्होंने कहा कि 2014 से अब तक हमने एक लंबी यात्रा तक की है। आज हम देश में एक जिम्मेदार सरकार देखते हैं, आज हम प्रो-एक्टिव, प्रो-रिस्पोंसिव सरकार देखते हैं। आज स्पष्ट है कि मोदी है तो मुमकिन है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के कार्यों में इनोवेशन हमेशा दिखाई पड़ता है। इसी इनोवेशन के तहत प्रधानमंत्री ने नमो ऐप के तहत माइक्रोसाइट पर एक मॉड्यूल खड़ा किया है। जो इंटरेस्टिंग भी है, इंटरेक्शन भी है और इंफॉर्मेशन एवं इनोवेशन से युक्त हैं। पिछली सरकार के 70 वर्षों में शिक्षा विभाग ने 6.37 लाख प्राइमरी स्कूल बनाए गए थे। मोदी सरकार के 8 साल के कार्यकाल में 6.53 लाख प्राइमरी स्कूल बने हैं। यूनिवर्सल एजुकेशन की दृष्टि से हम आगे बढ़ रहे हैं। गरीब कल्याण अन्न योजना की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई है, क्योंकि कोरोना संकट में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समाधान के साथ-साथ आर्थिक मामलों को भी किसी देश ने हल किया तो वो भारत है। 2 साल से करीब 80 करोड़ गरीबों को 5 किलो मुफ्त राशन दिया जा रहा है। किसान सम्मान निधि के अंतर्गत अब तक हर साल दो-दो हजार रुपए की अब तक 10 इंस्टॉलमेंट दे दी हैं और 1 लाख 80 हजार करोड़ रुपये इस पर अब तक खर्च किये जा चुके हैं। हमनें संस्कृति की भी रक्षा की है। चाहे वो भव्य राम मंदिर का निर्माण हो, भव्य और दिव्य काशी हो, महाभारत सर्किट हो, रामायण सर्किट हो, केदारनाथ का पुनरोद्धार हो, सोमनाथ का विकास का हो और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भी आधुनिक समय में एक तरह से भारत के इतिहास को रिफ्लेक्ट करने का केंद्र बना है।