गुवाहाटी : देश की राजधानी नई दिल्ली में भी विद्रोही समूह अल्फा (स्वतंत्र) ने बड़े पैमाने पर भर्ती अभियान शुरू कर दिया है।  संगठन दिल्ली के उत्तर मध्य क्षेत्र (एनसीआर) में काम कर रहे असमिया युवाओं को भर्ती करने को लेकर तत्पर  है। केंद्रीय खुफिया एजेंसी (सीआईए) की ओर से जारी विस्फोटक सूचनाओं को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय चिंतित हो रहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अल्फा की संगठनात्मक गतिविधियों को गंभीरता से लिया है और मामले की जांच  के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को निर्देश दिया है। अल्फा (स्वतंत्र) में शामिल होने के लिए असम के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में युवाओं का तांता लगा हुआ है। जिस तरह मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा लाखों बेरोजगारों को सरकारी नौकरी देने के प्रयास कर रहे हैं उसी तरह अल्फा (स्वतंत्र) प्रमुख परेश बरुवा भी अपना सदस्यता भर्ती अभियान जारी रखे हुए हैं। ऐसे भी आरोप हैं कि असम पुलिस ने अपने ही युवकों को जासूसी के उद्देश्य से अल्फा में भेजा है। अल्फा ने हाल ही में सार्वजनिक रूप से पुलिस के लिए जासूसी करने के आरोप में दो युवकों की हत्या करना स्वीकार किया है। हालांकि, इसके बाद भी लोकप्रिय गायकों, राजनीतिक नेताओं, राष्ट्रीय स्तर के एथलीटों, पुलिस और अन्य सरकारी कर्मचारियों ने अपनी पत्नियों और बच्चों को छोड़ कर अल्फा में शामिल होने के लिए घर छोड़ रहे हैं। हाल ही में केंद्रीय खुफिया एजेंसी (सीआईए) को जानकारी मिली है कि राज्य में अल्फा द्वारा ओआईएल और ओएनजीसी कर्मचारियों के अपहरण सहित बड़े पैमाने पर आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देने की योजना है। खुफिया एजेंसी ने यह भी दावा किया कि उन्हें यह जानकारी मिली है कि दिल्ली में जीविका और शिक्षा के लिए रह रहे असम के युवाओं को संगठन की ओर आकर्षित किया जा रहा है और सदस्यों के रूप में भर्ती किया जा रहा है। इसके साथ ही गुप्त सूचना मिली है कि अल्फा दिल्ली के एनसीआर में हमले की योजना भी बना रहा है। इस विस्फोटक खुफिया रिपोर्ट को लेकर केंद्र सरकार चिंतित है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एनआईए को अल्फा भर्ती और हमले की योजना के पूरे मामले की जांच करने का निर्देश दिया है।