गुवाहाटी : सुबह हुई भारी बारिश के बाद शुक्रवार को तेजपुर शहर के कई अहम इलाकों में पानी भर गया। तेजपुर के बाटमारी में राज्य सरकार की कैबिनेट बैठक के लिए शहर को सजाया जा रहा है। शहर के एनसी रोड व केसी रोड पर दिन में घूटनों तक पानी भर गया, जिससे शहर में अवर्णनीय स्थिति बनी हुई है। गौरतलब है कि तेजपुर में हाल ही में कृत्रिम बाढ़ एक खतरनाक समस्या बन गई है। लेकिन इसे हल करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया है। शहर के गरवानपट्टी क्षेत्र में मुख्य सडक़ पर जमा पानी को निकालने के लिए पंपों का सहारा लेना पड़ा। शुक्रवार को सुबह शुरू हुई भारी बारिश के बाद तेजपुर सदर थाना के समीपवर्ती इलाके और केसी रोड पर पानी भर गया। शहर के ईदगाह चाराली से एनसी रोड और थाना परिसर में भी पानी भर गया। शहरवासियों का आरोप है कि लंबे समय से अनियोजित और तकनीकी रूप से खराब सीवरों की सफाई नहीं की गई है। शहर पिछले सात साल से कृत्रिम बाढ़ से जूझ रहा है और लोग प्राकृतिक गड्ढों के अतिक्रमण और गहरे खेतों की बिक्री पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन शोणितपुर प्रशासन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है। इसके अलावा मराभरली नदी को मिट्टी से पाट दी गई और तेजपुर शहर के केकोरापुल के समीप से जयमती पथार और जहाजघाट के आसपास के इलाकों में अतिक्रमण, गोशाला का कचरा फेंकने और मकान बनाने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। शहर का बिजली विभाग भी बाढ़ से प्रभावित हुआ है। शहर का बिजली विभाग भी बाढ़ से प्रभावित हुआ है। इसके अलावा रबड़ बागान, गरवानपट्टी, महाभैरव मंदिर के सामने के जलाशय, पिलखाना, पदुम पुखुरी के समीप स्थित बिजली विभाग के कार्यालय के समीपवाला जलाशय आदि पाट देने के कारण शहर में कृृत्रिम बाढ़ की समस्या बढऩे लगी है। इसके अलावा नेपाली बेल्ट क्षेत्रों में भी जलाशयों को पाट दिया गया है और इन क्षेत्रों में कृत्रिम बाढ़ सामान्य घटना बन गई है। शहर के जमीन के दलाल पिछले कुछ समय चुप रहने के बाद अब फिर से तेजपुर में जमीन की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं।
कैबिनेट बैठक से एक दिन पहले बाढ़ में डूबा तेजपुर शहर