क्या एलियंस और अनआईडेंटिफाइड फ्लाइंग ऑब्जेक्ट (यूएफओ) का अस्तित्व है? इस सवाल को सुलझाने के लिए वैज्ञानिक सालों से शोध कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी तक कोई सफलता नहीं मिली हैं। हालांकि आए दिन एलियन और यूएफओ को देखने के दावे किए जाते हैं। कई लोगों ने तो एलियन से मिलने का भी दावा किया है। हाल ही में अमरीकी संसद में एलियन और यूएफओ के मुद्दे पर सुनवाई हुई थी। इस बहस के बीच हर साल दुनिया में 2 जुलाई को विश्व यूएफओ दिवस मनाया जाता है। वर्ल्ड यूएफओ आर्गेनाइजेशन ने विश्व यूएफओ दिवस मनाने की शुरुआत की थी। कई लोगों का मानना है कि यूएफओ नहीं होते हैं और न ही इनके होने के कोई सबूत हैं। अगर यूएफओ नहीं होते हैं तो आखिर इस दिन को मनाने की शुरुआत क्यों की गई। दरअसल विश्व यूएफओ दिवस मनाने के पीछे एक बड़ी वजह है। इस दिन मनाने की वजह यूएफओ के प्रति लोगों को जागरूक करना है ताकि वह आसमान में दिखने वाली अनजान चीजों के बारे में जानकारी शेयर करें। पहले 24 जून को यूएफओ डे मनाया जाता था, लेकिन बाद में इसकी आधिकारिक तारीख दो जुलाई को कर दी गई। बताया जाता है कि 24 जून 1947 को वॉशिंगटन में माउंट रेनीयर के पास नौ हाई स्पीड ऑब्जेक्ट्स उड़ते दिखे थे। यह पहली बार था जब ऐसी कोई चीज देखी गई थी। हालांकि कहा जाता है कि इसस पहले भी आसमान में उड़ते हुए अजीबोगरीब ऑब्जेक्ट्स देखे गए थे। सबसे हैरानी वाली बात यह है कि जर्मनी के न्यूरेमबर्ग से चित्रों और लकड़ी की कटिंग मिली है। इनसे प्राप्त जानकारी के मुताबिक, अप्रैल 1561 में वहां के लोगों ने आसमान में ग्लोब्स, क्रॉस और प्लेट जैसी वस्तुओं को देखा था। इसके अलावा टेक्सास में 1897 में आसमान में सिगार के आकार की बड़ी वस्तु नजर आई थी। बताया जाता है कि उस ऑब्जेक्ट की टक्कर एक विंडमिल से हुई थी। इसके बाद टेक्सस हिस्टोरिकल कमिशन को जानकारी मिली कि वहां एक प्लेन क्रैश हुआ था और मलबे में एक शव मिला था। लोगों का मानना था कि वह एलियन की लाश थी। बताया जाता है कि शव को किसी अनजान जगह पर दफनाया गया था। इसी तरह साल 1947 में एक शख्स ने रोसवैल में हादसे का शिकार हुए कथित प्लेन का मलबा बरामद किया। लोगों का कहना था कि स्पेसक्राफ्ट ऐसा लग रहा था जैसे किसी दूसरी दुनिया का हो। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि लोगों ने एलियन के शव को देखने का भी दावा किया।