गुवाहाटी : स्कूल अधिकारियों को स्कूल बसों में यातायात करने वाले छात्रों की सुरक्षा निश्चित करने के लिए सूप्रीम कोर्ट ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस संदर्भ में स्कूल प्रमुखौं को सूचित करने के लिए सोमवार और मंगलवार को गुवाहाटी के पानबाजार स्थित स्कूल निरीक्षक कार्यालय में दो विशेष बैठकें की गईं। उल्लेखनीय है कि सूप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों को स्कूल बसों में आने-जाने वाले छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई निर्देश जारी किए हैं। गुवाहाटी महानगर के सहायक परिवहन आयुक्त और कामरूप महानगर जिले के प्रभारी अतिरिक्त जिला परिवहन अधिकारी गौतम दास ने प्रधानाध्यापकों के बीच छात्रों को स्कूलों तक ले जाने के लिए बसों या वाहनों द्वारा पालन किए जाने वाले सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का उल्लेख किया और उनसे इस संबंध में व्यापक जागरूकता लाने का आग्रह किया। गौतम दास ने कहा कि अब से हर सरकारी और निजी स्कूल बस में सीसीटीवी कैमरे लगना जरूरी होगा। इसके अलावा स्कूल बसों पर अपने-अपने स्कूलों के नाम और टेलीफोन नंबर लिखे होने चाहिए।  हर स्कूल बस पीले रंग की होनी चाहिए। हर स्कूल बस पर ऑन स्कूल ड्यूटी लिखा होना चाहिए। प्रत्येक स्कूल बस में एक प्राथमिक चिकित्सा पेटी और अग्निशामक यंत्र होना चाहिए। प्रत्येक छात्र का स्कूल बैग बस की प्रत्येक सीट के नीचे रखा जाएगा। स्कूल बस चालकों के पास कम से कम 5 साल का ड्राइविंग अनुभव  होना चाहिए। इसके अलावा, स्कूल बसें जीपीएस से लैस होंगी और स्कूल के अधिकारी कौन सी बसें कहां जाती हैं और छात्र कहां बस पर चढ़ते और कहां उतरते उसकी निगरानी करेंगे। इस नियम का पालन नहीं करने वाले स्कूल अधिकारियों या बस मालिकों पर 10,000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा। नियमों का पालन नहीं करने पर स्कूल बसों का लाइसेंस व मान्यता रद्द कर दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों को जरूरत पडऩे पर छापेमारी करने का निर्देश जारी किया हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीआरसी) ने भी स्कूलों को छात्रों की सुरक्षा और छात्रों को स्कूलों तक ले जाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले वाहनों के नियमों और विनियमों की समीक्षा करने का निर्देश जारी किया है।  सहायक परिवहन आयुक्त गौतम दास ने कहा कि 1 अगस्त को गर्मी की छुट्टियां खुलने के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करने के लिए सडक़ों पर नियमों का पालन नहीं करने वाली स्कूली बसों के खिलाफ अभियान शुरू किया जाएगा। बैठक में गौतम दास ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने शुरू से ही राज्य की सडक़ों पर सुरक्षित यातायात बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया है। मुख्यमंत्री ने असम को दुर्घटना मुक्त राज्य बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों का सहयोग मांगा। सामाजिक परिवर्तन के लगभग सभी क्षेत्रों में शिक्षकों ने उत्कृष्ट योगदान दिया है। अत: विद्यार्थियों की सुरक्षा के संबंध में भी शिक्षक समुदाय अपना योगदान अवश्य देंगे। बैठक में असम सरकार के परिवहन विभाग के सचिव आदिल खान, सहायक परिवहन आयुक्त गौतम दास, कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिला आयुक्त और जिला सडक़ सुरक्षा समिति के अध्यक्ष पल्लव गोपाल झा, महानगर पुलिस की यातायात शाखा के उपायुक्त डॉ. अरूपज्योति बोरा और कामरूप महानगर जिले के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. ध्रुवज्योति बोरा, और कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिले के स्कूलों के निरीक्षक प्रसन्न बोरा, परिवहन विभाग के कई यातायात निरीक्षक तथा नगर पुलिस की यातायात शाखा के कई निरीक्षक उपस्थित थे।