पटना : बिहार में भाजपा और जदयू का गठबंधन टूट गया है। सीएम नीतीश राज्यपाल फागू चौहान को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इस्तीफा देने के बाद नीतीश राबड़ी देवी के आवास पर पहुंचे। वहीं. इससे पहले जेडीयू की आज हुई बैठक में पार्टी के सभी विधायकों और सांसदों ने सीएम नीतीश कुमार के फैसले का समर्थन किया और कहा कि वे उनके साथ हैं। तेजस्वी यादव ने कहा कि पूरे उत्तर भारत में अब भाजपा का कोई बड़ा सहयोगी नहीं रहा। देश में अराजकता का माहौल बन रहा है, सांप्रदायिकता फल-फूल रही है, सामाजिक न्याय प्रभावित हो रहा है। अर्थव्यवस्था देख लीजिए, देश की सुरक्षा देख लीजिए। आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है, आज ही के दिन भारत छोड़ो आंदोलन छिड़ा था। आज बिहार ने देश को दिशा दिखाने का काम किया है कि जो जनता के लिए लड़ता है, जनता उसे स्वीकार करती है। जनता विकल्प चाहती है। सब मिलकर काम करेंगे और बिहार को आगे बढ़ाएंगे। समाज में विवाद पैदा करने की कोशिश की गई थी वो हमें अच्छा नहीं लगा था। कई तरह की बातें की रही थी वो हमें अच्छा नहीं लग रहा था। राज्यपाल से मुलाकात में नीतीश कुमार ने सरकार बनाने का दावा किया। पत्रकारों से बातचीत में नीतीश ने कहा कि हमें 164 विधायकों का समर्थन हासिल है। राज्यपाल को 164 विधायकों के समर्थन की चिट्ठी सौंपी है। सभी विधायकों की राय थी कि हमें एनडीए छोड़ देना चाहिए। केंद्रीय मंत्री व भाजपा नेता रवि शंकर प्रसाद ने नीतीश को घेरते हुए पूछा कि नीतीश कुमार 2020 का चुनाव नरेंद्र मोदी की अगुवाई में जीते थे या नहीं ? जब नरेंद्र मोदी के नाम पर जीते थे तो आज बिहार के लोगों के समर्थन का अपमान किया है, ये क्या बात है? अगर आपको भाजपा परेशान कर रही थी तो दो साल से रूके हुए क्यों थे। शरद यादव ने कहा, लोगों ने राज्य के चुनावों के दौरान उसी गठबंधन को वोट दिया था जो अब बना है। पिछली सरकार (भाजपा-जदयू सरकार) लोगों के जनादेश के अनुसार नहीं थी, केवल अब राज्य सरकार जनादेश के अनुसार होगी। भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने निवर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर अवसरवादी होने का आरोप लगाया और कहा कि जो लोग बिहार को धोखा दे रहे हैं वे इसके विकास में बाधाएं पैदा करना चाहते हैं। उन्होंने जनता दल (यूनाइटेड) से अलग होने के बाद उभरती राजनीतिक स्थिति का जायजा लेने के लिए आज शाम भाजपा कोर ग्रुप की बैठक में हिस्सा लेने के लिए पटना जाते समय यहां हवाईअड्डे पर यह टिप्पणी की। चौबे ने कहा, भाजपा किसी को नहीं दबाती, किसी के साथ विश्वासघात नहीं करती। बिहार को धोखा देने वाले लोग इसके विकास में बाधा डालना चाहते हैं। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार से लेकर मोदी सरकार तक बिहार का विकास हमारी प्राथमिकता रही है। नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव राजभवन पहुंचे, सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। दोनों एक ही गाड़ी से राजभवन पहुंचे हैं। जदयू सूत्रों के मुताबिक सरकार गठन का दावा करने से पहले नीतीश कुमार को महागठबंधन का नेता चुन लिया गया है। इस महागठबंधन में जदयू के अलावा राजद और कांग्रेस शामिल हैं। बिहार भाजपा प्रमुख संजय जायसवाल ने कहा-नीतीश कुमार ने जनमत के साथ खिलवाड़ किया। नीतीश ने बिहार की जनता को धोखा दिया है। नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव राबड़ी देवी के घर से एक साथ बाहर निकले। हिंदुस्तान अवाम मोर्चा नेता जीतन राम मांझी ने नीतीश कुमार और महागठबंधन को बिना शर्त समर्थन देने का एलान किया। दूसरी ओर बिहार में भाजपा और जेड (यू) का गठबंधन टूटने के बाद बुधवार दोपहर 2 बजे नीतीश कुमार एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके साथ उपमुख्यमंत्री भी शपथ लेंगे। इसके लिए राजद नेता तेजस्वी यादव और उनकी पत्नी राजश्री का नाम चर्चा में है। हालांकि पहले शपथ ग्रहण शाम 4 बजे आयोजित किए जाने की खबर आई थी। मंगलवार शाम को नीतीश कुमार ने राज्यपाल फागू चौहान को 7 पार्टियों के 164 विधायकों के समर्थन की चिट्ठी सौंपी। इस मौके पर तेजस्वी यादव भी उनके साथ राजभवन में मौजूद थे। सरकार बनाने का दावा पेश करने के बाद नीतीश और तेजस्वी ने राजभवन में ही प्रेस काफ्रेंस की। नीतीश कुमार ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल को 7 पार्टियों के 164 विधायकों के समर्थन का पत्र दिया है।
फिर चाचा-भतीजे की सरकार, शपथग्रहण आज