डिगबोई : अरुणाचल प्रदेश के भारत -म्यामां सीमा के पास आज तड़के लगभग 4.45 बजे उग्रवादियों ने असम राइफल्स की एक टुकड़ी पर हमला किया। अचानक हुए हमले के बाद सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। लगभग एक घंटे तक चली मुठभेड़ के बाद उग्रवादियों का दल घने जंगलों का सहारा लेकर वहां से फरार हो गया। मिली जानकारी के अनुसार इस गोलीबारी में असम राइफल्स का एक जवान घायल हो गया। घटना के तुरंत बाद असम राइफल्स और भारतीय सेना संयुक्त रुप से उग्रवादियों की तलाश में जुट गई।  सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस घटना में उग्रवादी संगठन एनएससीएन (केवाईए)और अल्फा (स्वाधीन) के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार गत 1 जुलाई को तिनसुकिया जिले के काकोपथार में सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में ज्ञान असम नामक कट्टर अल्फाई की मृत्यु के बाद से अल्फा काफी बौखलाई हुई है और स्वाधीनता दिवस पूर्व बड़े आतंकी हमले को अंजाम देने की फिराक में है। इन सबके बीच भारतीय सेना और असम राइफल्स के जवान किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी मुस्तैदी से जुटी हुई है और उग्रवादियों की तलाश में भारत-म्यामां सीमा के घने जंगलों में निरंतर अपना अभियान चला रही है। दूसरी ओर समाचार एजेंसी भाषा के अनुसार तेजपुर में रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल ए. एस. वालिया ने बताया कि यह घटना पांगसाउ दर्रे के समीप तड़के 3.15 बजे घटी जब उग्रवादियों ने असम राइफल्स के गश्ती दल पर गोलियां चला दीं। उन्होंने कहा कि तिराप और चांगलांग जिले के सामान्य क्षेत्र में तड़के भारत-म्यांमा सीमा पर उग्रवादियों ने असम राइफल्स के जवानों पर गोलीबारी की। उन्होंने बताया कि असम राइफल्स के जवान स्वतंत्रता दिवस के लिए चौकसी बढ़ाए जाने के मद्देनजर गश्त कर रहे थे।  रक्षा प्रवक्ता ने कहा कि एक जूनियर कमीशन्ड अधिकारी को हाथ में चोट लगी।  चांगलांग के पुलिस अधीक्षक मिहिन गंबो ने कहा कि इस घटना में नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड-के-यांग आंग (एनएससीएन-केवाईए) और अल्फा (आई) के संदिग्ध उग्रवादी शामिल थे। उन्होंने कहा कि उग्रवादियों ने सीमा पर म्यांमा की तरफ से जवानों पर गोलीबारी की और सुरक्षाकर्मियों पर हमले के बाद वे तुरंत मौके से फरार हो गए। असम राइफल्स के जवानों और जिला पुलिसकर्मियों ने इलाके में तत्काल बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया। यह घटना स्वतंत्रता दिवस समारोहों के दौरान उग्रवादी समूहों की माहौल खराब करने की साजिश की खबरों पर असम के तिनसुकिया और डिब्रूगढ़ जिलों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच की गयी है। उक्त दोनों संगठनों ने हाल में संयुक्त रूप से स्वतंत्रता दिवस समारोहों का बहिष्कार करने का आह्वान किया था।