जैविक खेती के जरिए कोई भी एक सफल और बेहतरीन किसान बन सकता है। कर्नाटक के किसान प्रकाश कुलकर्णी ने इसे साबित कर दिया है, क्योंकि उन्होंने अपने नाम को ही ब्रांड बना लिया,जिसकी आज वहां पर काफी मांग है। जैविक खेती आज बदलते वक्त की मांग है। यही कारण है कि ऑर्गेनिक खेती करने वाले किसान सफलता की नई ऊंचाईयों को छू रहे हैं और अपने आस-पास के किसानों के लिए प्रेरणास्त्रोत बन गए हैं। कर्नाटक के बेलगावी जिले के एक ऐसे ही किसान हैं प्रकाश कुलकर्णी, जिन्होंने ऑर्नेगिक खेती के जरिए अपने नाम को ही ब्रांड बना लिया और उस ब्रांड के लिए बाजार में एक खास जगह भी बना ली है। यह जैविक खेती की ही ताकत है कि आज हाईस्कूल पास प्रकाश की अपनी अलग पहचान है। उनके फार्म की खासियत यह है कि जो भी फार्म का दौरा करने के लिए आते हैं उन्हें उनके फार्म में उगाए गए ऑर्गेनिक गुड़ और उनके पास उपलब्ध गायों का गाढ़े दूध की चाय मिलती है जो बेहद की स्वादिस्ट होती है। द हिंदू के मुताबिक अपनी सफलता का सूत्र बताते हुए प्रकाश कुलकर्णी बताते हैं कि जैविक खेती को अपनाकर लोग सफल हो सकते हैं। जैविक खेती के अलावा वो खुद का उत्पाद तैयार करें और ऐसा ब्रांड बनाए जिस पर जनता विश्वास कर सकें, तब जाकर आफ सफल हो सकते हैं। उन्होंने बताते हैं कि प्रकाश ऑर्गेनिक्स को ब्रांड बनाने में उनकी कई सालों की मेहनत छिपी हुई है। प्रकाश को बीच में ही अपनी पढ़ाई छोडऩी पड़ी और वो एक फूल टाइम किसान बन गए हैं। उन्होंने 20 सालों से अधिक समय तक जैविक खेती की है। फिर एक बार उन्हें सुभाष पालेकर की कार्यशाला में शामिल होने का मौका मिला। जहां के बाद उन्हें और अधिक जानकारी मिली। हालांकि इस बारे में सबकी मिली-जुली प्रक्रिया हासिल करने के बाद उन्होंने अपनी 20 एकड़ जमीन में जैविक खेती शुरू की। पूरी तरह जैविक को अपनाने में उन्हें तीन साल लग गए। फिर उन्होंने जिले के किसानों के साथ मिलकर एक किसान क्लब बनाया और जैविक खेती को लेकर कई कार्यशालाओं का आयोजन किया और जैविक खेती के लिए एक अलग से सामान्य बाजार की स्थापना की पर लॉकडाउन के दौरान बाजार बंद हो गया। हालांकि प्रकाश कुलकर्णी बताते हैं कि इसके बाद जैविक खेती करना उनके लिए जुनून की तरह हो गया। इसके बाद उन्होंने जैविक खेती में थोड़ा अलग तरीका अपनाया।