उत्तराखंड के सबसे खूबसूरत स्थलों में से एक नैनीताल से महज 12 किलोमीटर की दूरी पर एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल खुर्पाताल है। समुद्र तल से 1,635 मीटर की ऊंचाई पर खुर्पाताल ऊंचे पाइन और पुराने देवदार के पेड़ों से घिरा हुआ है। यह एक खूबसूरत पर्यटन स्थल है। यहां से पहाड़ों के भव्य सौंदर्य का दीदार होता है। खुर्पाताल अपनी खुशनुमा जलवायु और मनमोहक झील के कारण पर्यटकों के बीच जाना जाता है। इसके अलावा सीढ़ीदार खेत भी खुर्पाताल के मुख्य आकर्षण में से एक हैं। खुर्पाताल की आकृति घोड़े के खुर (तलवे) के सामान दिखती है, यही कारण है कि इस जगह का नाम खुर्पाताल पड़ा। खुर्पाताल, नैनीताल से कालांढूगी रोड पर बसा एक गांव है। यहां मौजूद झील को खुर्पाताल झील के नाम से जाना जाता है। लगभग आधा किलोमीटर व्यास वाली यह झील चारों ओर से पहाड़ियों से घिरी है। खुर्पाताल झील को रहस्यमयी झील भी कहा जाता हैं, क्योंकि इस झील के पानी का रंग बदलता रहता है। इसका पानी कभी लाल तो कभी हरा तो कभी नीला दिखाई देता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस झील के अंदर लगभग 40 प्रकार के शैवालों की प्रजातियां है। जब शैवाल के बीज बनते है, तो झील रंग बदलती है। इस झील का पानी साफ और गर्म होता है। इसलिए इसे गर्म पानी वाली झील भी कहा जाता है। खास बात है कि सर्दियों के मौसम में भी इस झील का पानी हल्का गुनगुना होता है। यह जगह आज से ही नहीं, बल्कि ब्रिटिश काल से ही एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल के रूप में मशहूर है। अंग्रेज शासकों के लिए तो यह समय बिताने की सबसे सुंदर व पसंदीदा जगहों में से एक थी। यूं तो नैनीताल के आसपास कई सारे पर्यटन स्थल हैं जैसे भीमताल, भवाली नौकुचाया ताल, रानीखेत और मुक्तेश्वर। लेकिन यह जगह अपने आप में बेहद अलग व अद्भुत है। खुर्पाताल झील में बोटिंग और टूरिस्ट एक्टिविटी नहीं होती है, लेकिन मछली पकड़ने के शौकीन लोगों के लिए यह जगह किसी स्वर्ग से कम नहीं है। इस झील में भारी तादाद में मछलियां पाई जाती है, यहीं कारण है कि इस झील को मछुआरों का स्वर्ग भी कहा जाता है। पहाड़ियों और पेड़ों से घिरी यह झील बहुत ही मनमोहक नजर आती है। इसकी सुंदरता देखते ही बनती है। खुर्पाताल झील से थोड़ी दूर ऊपर मनसा देवी मंदिर है। 19वीं शताब्दी तक खुर्पाताल अपने लौह औजारों के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध था। नैनीताल शहर पर्यटकों को साल भर आकर्षित करता है। हालांकि, नैनीताल घूमने का सबसे अच्छा समय मार्च से जून तक है जो देश में गर्मी / वसंत का मौसम है। ज्यादातर लोग देश में चिलचिलाती गर्मी से बचना चाहते हैं और नैनीताल आना पसंद करते हैं। बर्फ प्रेमियों के लिए, नवंबर के अंत से फरवरी तक एक यात्रा की योजना बनाई जा सकती है जो सर्दियों का मौसम है। खुर्पाताल झील के आलावा कहां-कहां घूम सकते हैं :
नैना लेक : नैनी झील दुनिया भर में फेमस पहाड़ी लेक है, जिसका दीदार पाने के लिए विश्व भर से लोग नैनीताल आते है। नैना मंदिर के सामने स्थित यहां की मशहूर झील यहां के प्रयत्न स्थलों में सबसे ज्यादा प्रसिद्द है। ये लेक यहां का सबसे बड़ा है। जो ऊपर से दिखने में आंख के आकार का प्रतीत होता है नैना यानी (आंख) इसीलिए इसे नैना झील कहते है ।
स्नो व्यू प्वाइंट : समुद्र तल से 2270 मीटर की ऊंचाई पर स्थित स्नो व्यू पॉइंट नैनीताल के सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थलों में से एक है। यह मुख्य शहर से 2.5 किमी दूर स्थित है। स्नो व्यू प्वाइंट से ऐसा लगता है, मानो दूधिया रंग के चादर से समस्त हिमालय लिपटा हो। आप यहां से तीन महत्वपूर्ण चोटियों नंदा देवी, त्रिशूल शिखर और नंदा कोट के स्वर्गीय दृश्य को एक साथ देख सकते है।
इको केव गार्डन : शांत वातावरण में बना यह एक पहाड़ी पार्क नैनीताल का सबसे बड़ा हरा-भरा गार्डन है जिसके भीतर टाइगर गुफा और पैंथर गुफा सहित 6 प्राकृतिक गुफाओं का समूह है। इनमें से कुछ केव्स के रास्ते बहुत संकरे है इसीलिए ध्यानपूर्वक इसके भीतर प्रवेश करे। इस पॉइंट से पहाड़ों का काफी शानदार व्यू के साथ खुर्पाताल का अद्भुत दृश्य देखने को मिलता है।
नौकुचिया ताल : नैनीताल से एक घंटे की दूरी पर स्थित यह झील शहर की भीड़ भाड़ से दूर है जहां का दृश्य खूबसूरत लगता है जो इस ताल को यहां के आसपास के प्राकृतिक सुंदर वातावरण इसे अलग बनाते है। नौकुचिया ताल का नाम इसके 9 कोनों से पड़ा, लेकिन कोई भी मनुष्य आज तक इस ताल के किसी एक कोने में खड़े होकर सभी कोनों को नहीं गिन पाया है आपके लिए यह एक चैलेंज है ।
टिफिन टॉप : नैनीताल के लोकप्रिय पर्यटन स्थल टिफिन टॉप हिमाचल प्रदेश के अयारपट्टा हिल में स्थित है। नैनीताल से मात्र 4 किमी की दूरी पर स्थित टिफिन टॉप पर पैदल या घुड़सवारी के माध्यम से भी पहुंच सकते हैं। यहां से नैनी झील, नैनीताल शहर और कुमाऊं क्षेत्र की पहाड़ियों का प्यारा कुदरती नजारा दिखाई देता है। टिफिन टॉप का निर्माण सेना अधिकारी कर्नल जेपी केलेट में अपनी पत्नी डोरोथी केलेट नाम पर किया था, इसलिए इसे ‘डोरोथी की सीट’ के नाम से भी जाना जाता है। चेर, ओक और देवदार के पेड़ों से घिरा टिफिन टॉप फोटोग्राफी करने और सेल्फी लेने के लिए बहुत उम्दा जगह है। सूर्योदय और सूर्यास्त देखने के लिए टिफिन टॉप पर सुबह और शाम पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है।
कैसे पहुंचें खुर्पाताल :
वायु मार्ग : हवाई मार्ग से नैनीताल के लिए कोई सीधी कनेक्टिविटी नहीं है। नजदीकी स्टेशन पंतनगर में है, जो लगभग 65 किमी है।
रेल मार्ग : नैनीताल के लिए निकटतम रेलवे स्टेशन काठगोदाम है, जो नैनीताल शहर से लगभग 35 किमी दूर है। नियमित बस सेवाएं काठगोदाम और नैनीताल को अच्छी तरह से जोड़ती हैं।
सड़क मार्ग : नैनीताल की यात्रा आप सड़क मार्ग के जरिए कर सकते हैं। आप रेडियो टैक्सी या टैक्सी की सुविधा लेकर भी नैनीताल पहुंच सकते हैं।