गुवाहाटी : राज्य सरकार की ओर से गुवाहाटी समेत राज्यभर में कई स्कूल बंद करने का मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। इस मुद्दे को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और असम के मुख्यमंत्री डॉ.हिमंत विश्वशर्मा के बीच ट्विटर वार शुरू हो गया है। हालांकि दोनों मुख्यमंत्रियों ने ट्विटर वार के दौरान अपने-अपने बयानों में शब्दों की शालीनता रखी। उल्लेखनीय है कि असम सरकार की ओर से 34 स्कूलों को बंद करने के फैसले पर ट्वीट करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि स्कूल बंद करना समस्या का समाधान नहीं है। हमेंअभी पूरे देश में ढेरों नए स्कूल खोलने की जरूरत है। स्कूल बंद करने की बजाए स्कूल को सुधार कर पढ़ाई ठीक कीजिए। उल्लेखनीय है  कि केजरीवाल की इस टिप्पणी के बाद असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने भी ट्विटर पर केजरीवाल पर पलटवार करते हुए कहा कि शिक्षामंत्री के रूप में मेरे दिनों से अब तक असम सरकार ने 8610 नए स्कूलों की स्थापना तथा निजी स्कूलों का सरकारीकरण किया है। आप हमेशा की तरह बिना किसी होमवर्क के ही कुछ टिप्पणी करते हैं। असम में 2013 में निजी स्कूलों का सरकारीकरण किया गया। इनमें प्राथमिकि विद्यालय 6802, माध्यमिक विद्यालय 1589, कस्तूबा गांधी बालिका विद्यालय 81, नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय 3,आदर्श विद्यालय 38, टी गार्डेन मॉडल स्कूल 97  स्थापित किए गए हैं। मुख्यमंत्री हिमंत ने केजरीवाल से सवाल किया कि  दिल्ली के आंकड़े जानने को उत्सुक है कि आपने कितने स्कूल खोले। हम जानना चाहते हैं कि दिल्ली सरकार पिछले सात सालों में कितने नए स्कूल शुरू किए हैं। उल्लेखनीय है कि इस मुद्दे पर असम के कैबिनेट मंत्री तथा राज्य सरकार के प्रवक्ता पीयूष हजारिका ने कहा कि आम आदमी पार्टी के शिक्षा मॉडल ने राष्ट्रीय राजधानी में शिक्षा प्रणाली को धाराशायी कर दिया है।  हजारिका ने ट्वीट किया कि सबसे पहले असम में स्कूलों को बंद नहीं किया जा रहा है, बल्कि समग्र शैक्षिक वातावरण को बेहतर बनाने के लिए स्कूलों को बृहत्तर रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल को यहां के शैक्षिक उत्थान पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है,क्योंकि समय-समय पर उनके फर्जी दिल्ली मॉडल स्कूल का भंडा फूटता रहा है। आप की सरकार ने दिल्ली की शिक्षा प्रणाली को ध्वस्त कर दिया है, दिन प्रतिदिन दसवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम गिरते जा रहे हैं। पुडुचेरी की तुलना में दिल्ली के महान मॉडल स्कूल सभी पहलुओं में खराब हैं। केजरीवाल को सीखने के लिए असम आना चाहिए।