मालीगांव : मणिपुर के माननीय मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह और माननीय केन्द्रीय रेल एवं कपड़ा राज्य मंत्री दर्शना जरदोश ने आज इम्फाल में जिरिबाम-इम्फाल नई रेल लाइन परियोजना की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की सह-अध्यक्षता की। समीक्षा बैठक के दौरान राज्य सरकार के साथ समन्वय में पूर्व निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य की गति में पूरी तेजी बरकरार रखने का निर्णय लिया गया। नोनी जिले में रेल परियोजना के पास हुए दुर्भाग्यपूर्ण भू-स्खलन और विभिन्न अन्य चुनौतियों के बावजूद, पूरा रेल कार्यबल जिरिबाम-इम्फाल रेल लाइन को पूरा करने में तेजी लाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। समीक्षा बैठक के दौरान पूसी रेल के महाप्रबंधक अंशुल गुप्ता और रेलवे तथा राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। इससे पहले बुधवार 24 अगस्त, 2022 माननीय केंद्रीय रेल और कपड़ा राज्य मंत्री दर्शना जरदोश ने अंशुल गुप्ता, महाप्रबंधक, पूसी रेल और अन्य वरिष्ठ रेल अधिकारियों के साथ विभिन्न निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया। जिरिबाम-इम्फाल परियोजना 110 किलोमीटर लंबी है। इस परियोजना को चार चरणों में शुरू करने की योजना बनाई गई है। पहले चरण में जिरिबाम से वंगाईचुंगपाऊ (12 किमी) तक का खंड मार्च, 2017 में चालू किया जा चुका है। वंगाईचुंगपाऊ से खोंगसांग (44 किमी) तक चरण-ढ्ढढ्ढ का कार्य पहले ही चालू हो चुका है, चरण-ढ्ढढ्ढढ्ढ में खोंगसांग से तुपुल (29 किमी) और चरण-ढ्ढङ्क में तुपुल से इम्फाल (26 किमी) तक को क्रमशः मार्च, 2023 और दिसंबर, 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पूरी परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 14322 करोड़ रुपए है। इस वित्तीय वर्ष में 1300 करोड़ रुपए के निवेश की योजना है। जिरिबाम-इम्फाल परियोजना मणिपुर के सभी प्रमुख जिलों अर्थात जिरिबाम, तामेंगलोंग, नोनी, कांगपोकपी, इम्फाल पश्चिम को कवर करेगी। इसमें 11 बड़े पुल और 129 छोटे पुल होंगे और ट्रेन इस मार्ग में 11 स्टेशनों से होकर चलेगी। वर्तमान में, जिरिबाम से इम्फाल तक की यात्रा में सड़क मार्ग से लगभग 10-12 घंटे लगते हैं। इस रेल परियोजना के पूरा होने के बाद इतनी ही दूरी 2 घंटे से भी कम समय में तय की जाएगी। यह राज्य द्वारा आवश्यक वस्तुओं को तेजी से प्राप्त करने में भी मदद करेगा और राज्य के स्थानीय उत्पादकों को राज्य के बाहर अपने उत्पादों को तेजी से निर्यात करने में भी मदद करेगा। पूर्वोत्तर राज्यों की सभी राज्य राजधानियों को रेलवे के माध्यम से जोड़ने के एक हिस्से के रूप में जिरिबाम-इम्फाल नई बीजी लाइन परियोजना का निर्माण चल रहा है। यह परियोजना मणिपुर की राजधानी इम्फाल को जोड़ेगी। पूर्वोत्तर में रेल कनेक्टिविटी का विस्तार वर्तमान केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। उल्लेखनीय है कि पिछले आठ वर्षों (2014-22) की अवधि में पूर्वोत्तर राज्यों में रेल कनेक्टिविटी के लिए निधि आवंटन में 254 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। यह कनेक्टिविटी में सुधार के साथ-साथ पूर्वोत्तर क्षेत्र को लॉजिस्टिक हब बनाने में मदद करेगा, जिससे आर्थिक परिवर्तन होगा।
मणिपुर के मुख्यमंत्री और केंद्रीय रेल एवं कपड़ा राज्य मंत्री ने की समीक्षा