नई दिल्ली : जल्द ही आपको टोल प्लाजा से छुटकारा मिल सकता है। केंद्रीय सडक़ परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक इंटरव्यू में कहा है कि अब टोल प्लाजा को हटाकर कैमरे लगाने की योजना है, जो नंबर प्लेट रीड करेंगे और सीधे अकाउंट से पैसे कट जाएंगे। टोल प्लाजा पर जाम की समस्या को खत्म करने के लिए एक साल पहले ही सरकार फास्टैग लेकर आई   थी। अब इससे आगे बढ़ते हुए सरकार की योजना देशभर के सभी टोल प्लाजा को ही हटा देने की है।सरकार की योजना आने वाले दिनों में नेशनल हाईवे और एक्सप्रेस-वे से सभी टोल प्लाजा को हटाने की है। टोल प्लाजा की जगह हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रीडर यानी एएनपीआर कैमरे लगेंगे। जैसे ही कोई कार हाईवे से गुजरेगी, तो वहां लगे खास कैमरे कार के नंबर प्लेट को रीड कर लेंगे और टोल का चार्ज गाड़ी मालिक के लिंक्ड बैंक अकाउंट से सीधे कट जाएगा। हालांकि अभी ये कैमरे केवल 2019 के बाद आने वाली गाडिय़ों के नंबर प्लेट ही रीड कर सकते हैं। इसके लिए गाडिय़ों में हाई-सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट यानी एचएसआरपीलगेंगी। इस तरह के नंबर प्लेट्स से गाड़ी से जुड़ी सभी जानकारी मिल जाती है। सरकार इन विशेष नंबर प्लेट को लगाने की शुरुआत 2019 में ही कर चुकी है। सरकार ने तब सभी पैसेंजर व्हीकल को कंपनी फिटेड नंबर प्लेट्स लगाने को कहा था। सरकार हाईवेज पर ट्रैफिक को और बेहतर करने के लिए फास्टैग से आगे बढ़ते हुए अब टोल प्लाजा की जगह खास कैमरे लगाकर टोल लेने की योजना पर काम कर रही है। सरकार हाईवेज पर ट्रैफिक को और बेहतर करने के लिए फास्टैग से आगे बढ़ते हुए अब टोल प्लाजा की जगह खास कैमरे लगाकर टोल लेने की योजना पर काम कर रही है। सरकार की जल्द ही सभी गाडय़िों से पुराने नंबर प्लेट्स को एचएसपीआर यानी नए नंबर प्लेट्स से रिप्लेस करने की योजना है। ये इस योजना को लागू करने के रास्ते में सबसे बड़ी चुनौती है। दरअसल, भारतीय कानून में टोल टैक्स न देने वाले पर जुर्माना लगाने का कोई प्रोविजन नहीं है। सरकार जल्द ही इससे जुड़ा बिल लाने पर विचार कर रही है। गडकरी ने हाल ही में इस मुद्दे पर कहा कि टोल प्लाजा पर पेमेंट नहीं करने वाले गाड़ी मालिक को दंडित करने का कानून में कोई प्रोविजन नहीं है। हमें उसे कानून के दायरे में लाने की जरूरत है। इसके दो बड़े फायदे होने की उम्मीद है। पहला-आपको कम टोल देना होगा और दूसरा- इससे प्लाजा पर लगने वाले जाम से छुटकारा मिल जाएगा। इन दोनों फायदों को नितिन गडकरी ने कुछ ऐसे बताया- अभी भले ही दो टोल प्लाजा एक-दूसरे से 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हों, लेकिन आपको पूरा टोल देना होता है। अगर आप हाईवे का इस्तेमाल केवल 30 किलोमीटर के लिए करते हैं, तो नई टेक्नोलॉजी की मदद से आपको केवल आधी कीमत चुकानी होगी।