गुवाहाटी, सोनारी : तीसरे-चौथे वर्ग की सरकारी नौकरी में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितता के सार्वजनिक आरोप लगाने वाले विक्टर दास पुलिस के हाथों गिरफ्तार हो गए हैं। गुवाहाटी पुलिस ने विक्टर दास के आरोप की सच्चाई न होने तथा जबरन वसूली और धार्मिक घृणा फैलाने का प्रयास करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। उसे गैर जमानती धाराओं के तहत सात दिनों के लिए पुलिस हिरासत में लिया गया है। एक साधारण शिकायतकर्ता को कथित रूप से दोषी ठहराने के आरोप में गिरफ्तार किए जाने की घटना से राज्य में कड़ी प्रतिक्रिया है। कोचिंग सेंटर के शिक्षक विक्टर दास को बीते शनिवार को अदालत में पेश किया गया। उस दौरान मीडिया के सामने नौकरी के उम्मीदवारों और दलालों के बीच लेनदेन में इस्तेमाल की गई बाइक की संख्या का भी खुलासा किया। साथ ही अम्लानज्योति दत्त नाम के एक उम्मीदवार की ओर से गिरोह का फोन नंबर भी जांच अधिकारी को जमा करने की बात कही। हालांकि, मामले की जांच कर रही पानबाजार पुलिस ने कहा कि विक्टर के आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। हमारे सोनारी संवाददाता के मुताबिक पुलिस के बयान का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने मामला दर्ज करने और शिक्षक की ओर से लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने विक्टर दास के आरोपों की जांच के बजाए तीसरे और चौथे वर्ग की नौकरियों की परीक्षाओं के परिणामों की घोषणा के लिए कार्यक्रम की घोषणा की। विक्टर दास ने एक पूर्व विधायक के नेतृत्व में एक दलाल गिरोह तीसरे और चौथे वर्ग की नौकरियों के नाम पर उम्मीदवारों से तीन से आठ लाख रुपए तक वसूलने का आरोप लगाया था। इस पर कई उम्मीदवारों ने सोशल मीडिया पर सनसनीखेज आरोप लगाया कि कुछ संदिग्ध उम्मीदवारों ने परीक्षा हॉल में खाली ओएमआर व उत्तर पुस्तिकाएं जमा कराई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि खाली उत्तर पुस्तिका जमा करने वाले उम्मीदवारों ने शिकायतकर्ताओं से कहा था कि उन्होंने एक ‘सर’के निर्देश पर ऐसा किया है। लंबे समय से शिकायतें हैं कि विधानसभा क्षेत्रों के उम्मीदवारों का चयन पिछली परीक्षाओं में अज्ञात कारणों से होने का आरोप है। मुख्यमंत्री ने आज कहा कि तीसरे व चौथे वर्ग की परीक्षाओं के परिणाम पूजा से पहले और दूसरे के परिणाम पूजा के बाद घोषित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने विक्टर दास की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया व्यक्तकरते हुए रविवार को कहा कि कई मीडिया आउटलेट और राजनीतिक दल राज्य सरकार में 100,000 नौकरियों में नियुक्ति को बंद करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा सुचारू रूप से संपन्न हुई और परिणाम के बाद दूूध का दूध और पानी का पानी सामने आ जाएगा। कुछ लोग लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर भर्ती परीक्षा को रोकना चाहते हैं। मुकेश अंबानी के बेटों को इस परीक्षा में नौकरी नहीं मिलेगी,लेकिन गांवों में पकौड़ी बेचने वाले बच्चों को ही नौकरी मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक जेम्स बॉन्ड फिल्म नहीं है कि आप की ओर से एक कार का नंबर बताने से काम हो जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक के बारे में किसी ने ट्वीट किया लेकिन नाम पूछे जाने पर क्यों नाम नहीं बता सके? मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक साजिश है और कुछ लोग शुरू से ही भर्ती परीक्षा को लेकर बेबुनियाद अफवाह उड़ा रहे हैं। उन्होंने सबसे पहले इंटरनेट बंद होने और उम्मीदवारों की संख्या को लेकर हंगामा करने के मुद्दे का जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने अनुरोध किया कि इस तरह की बातें करके आठ लाख बेरोजगारों को बेवजह परेशान न करें।
भर्ती प्रक्रिया को बाधित करने की हो रही साजिश