मार्घेरिटा : अवैध कोयला खनन पाटकाई पहाड़ में वर्षों से जारी है। यहां आए दिन श्रमिकों की मौत होती रहती है। नार्थ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड ने विगत दो वर्षों से रैट होल माइनिंग भी बंद कर रखी है। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा के अथक प्रयास से टिकाक कोलियरी मे पुनः कोयला खनन आरंभ होते ही कोयला माफियाओं ने समानान्तर रेट होल माइनिंग से कोयला खनन आरंभ कर दिया। इस रैट होल माइनिंग में अधिकतर मजदूर बाहरी होते हैं जिन्हें बहला-फुसलाकर इस रैट होल माइनिंग में मरने को झोक दिया जाता है। इसी कड़ी में हाल ही मालो पहाड़ में तीन मजदूरों की मौत विषैले गैस के कारण हो गई। तीनों मृतक मजदूर ग्वालपाड़ा और बंगाईगांव के है। इस सिलसिले में सरकारी खानापूर्ति करने के लिए एक चाय बेचने वाले बिजन राय,लिडू बाजार बस्ती के राना दास और अनवर हुसैन को गिरफ्तार किया है। अवैध कोयला कारोबार और रैट होल माइनिंग को बंद करने की मांग को लेकर अभी तक कोई भी संगठन मजबूती से आवाज बुलंद नहीं किया है । मजदूर यूनियन भी नाम के लिए कभी कभार आवाज बुलंद करते हैं। यह खुला सत्य है कि करोड़ों रुपए के कारोबार में ऊपर से लेकर नीचे तक सभी संलिप्त हैं। एक भाजपा नेता से पूछा गया कि आप लोग कांग्रेस के शासन में कोयला चोरी होने पर धरना प्रदर्शन करते रहते थे,अब सत्ता में आने के बाद मौनी बाबा क्यों बन गए हैं तो जबाब नहीं दिया। इस हमाहम में सब नंगे हैं। तीन मजदूरों के विषैले गैस से मृत्यु को लेकर अखिल असम अल्प संख्यक छात्र संस्था ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है और घटना को उच्च स्तरीय जांच पड़ताल के लिए आयोग गठित करने की किया जाय और अवैध कोयला खनन, रैट होल माइनिंग पर जांच बैठाई जाए। आम्सू तिनसुकिया जिला अध्यक्ष फिरोजुर रहमान ने कहा कि पूरे कोयला माफिया सिन्डिकेट और बाहर से मजदूरों को लाकर मौत के मुंह में ढकलने पर तत्काल जांच बिठाई जाए और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए।
आखिर कब रुकेगी रैट होल माइनिंग?