नई दिल्ली: अमरीका के सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व से जो उम्मीद की जा रही थी, वही फैसला लिया। फेडरल रिजर्व ने अपनी दो दिनों की बैठक के बाद एक बार फिर ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर दी है। अब ब्याज दरें 75 बेसिस प्वाइंट बढ़ाकर 3.00-3.25 फीसदी के दायरे में कर दी गई हैं। यह आर्थिक मंदी के दौर के बाद सबसे अधिक है। आपको बता दें कि साल 2008 में दुनिया में मंदी आई थी। फेड रिजर्व की ओर से लगातार तीसरी बार ब्याज दरों में वृद्धि की गई है। अहम बात ये है कि आगे भी बढ़ोतरी के संकेत दिए जा रहे हैं। फेड रिजर्व ने महंगाई का हवाला देते हुए इस फैसले का बचाव किया। इसके साथ ही कहा कि फेड रिजर्व, मुद्रास्फीति को अपने 2 फीसदी उद्देश्य पर वापस लाने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध हैं। बता दें कि अगस्त में अमरीका की महंगाई दर 8.3 फीसदी थी। फेड रिजर्व के इस फैसले के बाद अमरीका के स्टॉक मार्केट में बिकवाली लौट आई है। फेड रिजर्व के फैसले के बाद अमरीकी बाजार के इंडेक्स डाउ जोंस में करीब एक फीसदी या 220 अंकों से ज्यादा की गिरावट आई और यह 30,500 अंक के नीचे आ गया। इसके अलावा एसएंडपी 500 इंडेक्स 0.7 फीसदी गिरा, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 0.8 फीसदी तक नीचे आ गया।
भारतीय बाजार में भी गिरावट : बुधवार को बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 262.96 अंक या 0.44 प्रतिशत टूटकर 59,456.78 अंक पर बंद हुआ।