काजीरंगा : आध्यामिक गुरु श्रीश्री रविशंकर ने आज रविवार को कहा कि एक अच्छा नेता बनने के लिए कई गुणों के अधिकारी होना पड़ेगा। सभी का उपयोग कर सकने वाला ही अच्छा नेता हो सकता है। कारण कि कई बार आपको निचले स्तर के लोगों से अच्छी सलाह भी मिल जाती है। अगर आप सभी की सलाह से काम करेंगे तो आप सफल हो सकते हैं। असम सरकार के चिंतन शिविर में भाग लेते हुए गुरु श्री श्री रविशंकर ने कहा कि लोगों के बीच दीवार बनाने की बजाए हम संबंध स्थापित करके आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि वाणी से असंभव को भी संभव किया जा सकता है। जंगल में सशस्त्र रहने वाले लोगों को बातों से मुख्यधारा में वापस लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि देश के सशस्त्र समूहों ने हथियार डाल दिए हैं और मुख्यधारा में लौट आए हैं। काजीरंगा में तीन दिवसीय कार्यक्रमों के साथ आयोजित चिंतन बैठक में मुख्यमंत्री, मंत्रिमंडल के सभी सदस्य, सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, सचिव आदि ने भाग लिया। श्रीश्री रवि शंकर ने काजीरंगा में असम पर्यटन विभाग और साधारण प्रशासन विभाग के तत्वावधान में काजीरंगा स्थित बड़गछ पर्यटक निवास में चिंतन शिविर में आज भाग लेकर उपस्थितों को संबोधित किया। उन्होंने मंत्री, अधिकारियों की कर्म प्रेरणा की वृद्धि करने तथा राज्य को आगे ले जाने में उनकी भूमिका के  बारे में बताया। उन्होंने कहा कि गुस्से करने में कंजूसी कर ठहाके मारना चाहिए। एक अच्छे नेता को सभी का उपयोग करने में सक्षम होना चाहिए। तीन स्तर के लोग समाज को चलाते हैं। आशाहीन लोगों को ऊंचे पदों पर नहीं रखना चाहिए। नहीं तो काम आगे नहीं बढ़ेगा। आपको शांत और शालीनता से बोलने में सक्षम होना चाहिए। मुख्यमंत्री के साथ मंत्री रंजीत कुमार दास, अतुल बोरा, उर्खाउ गौरा ब्रह्मा, परिमल शुक्लबैद्य, केशव महंत, रनोज पेगु, अशोक सिंघल, योगेन मोहन, संजय किसान, अजंता नेउग, जयंतमल्ल बरुवा और पीयूष हजारिका भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्य सचिव पवन कुमार बरठाकुर और कई आला अधिकारी उपस्थित थे। विचारों के आदान-प्रदान के दौरान मंत्रियों, नौकरशाहों और अधिकारियों ने विभिन्न प्रश्न उठाए और गुरु श्रीश्री रविशंकर ने विनम्रतापूर्वक सरल शब्दों में समाधान सुझाया। आध्यात्मिक गुरु ने कहा कि लोग बहुत सुंदर हैं और उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य और देश के आर्थिक विकास के लिए उन्हें एक बार खेती करके संतुष्टि प्राप्त करने की बजाए कम से कम दो खेतों में खेती करनी चाहिए। मंत्री रंजीत कुमार दास द्वारा सलाह के लिए पूछे जाने पर गुरु ने कहा कि किसानों के बीच छोटे समूह बनाने और उन्हें प्रशिक्षण, सेमिनार आदि के माध्यम से जागरूकता पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा पूर्वोत्तर के सभी राज्यों के साथ संबंध बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। इस कार्यक्रम में आर्ट ऑफ लिविंग के संरचक आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर ने मुख्यमंत्री, मंत्रियों और अधिकारियों को उनके मन और विवेक को शुद्ध करने के लिए कुछ समय के लिए ध्यान के माध्यम से दूसरी दुनिया में ले जा जाकर मन और विवेक की शुद्धि का प्रयास किया। उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम में रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध पर भी चर्चा हुई। गुरु श्री श्री रविशंकर ने कहा कि भारत एक तटस्थ देश है और इस देश के प्रधानमंत्री शांति के लिए काम कर सकते हैं। ऐसे कई तरीके हैं जिनसे आप अपने स्वास्थ्य और कल्याण में सुधार कर सकते हैं। असम सरकार के मंत्री जोगेन मोहन ने चिंतन शिविर के बारे में बताया कि तीन दिवसीय शिविर कृृषि,पशुपालन और प्राकृृतिक आपदाओं पर केंद्रित होगा। भारत के विभिन्न विकसित राज्यों के मुख्य सचिवों को आमंत्रित किया जा रहा है और असम को बेहतर बनाने के लिए इस चिंतन शिविर के माध्यम से उनकी सलाह ली जा रही है। प्रदेश में बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए नए-नए तरीके ईजाद करने की कोशिश हो रही है। मंत्री ने कहा कि एक लाख बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने का काम शुरू हो चुका है और निकट भविष्य में अन्य दो लाख लोगों को उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार दिया जाएगा। तीन दिवसीय चिंतन शिविर राज्य में विकास की सही राह भी दिखाएगा।