नई दिल्ली : एक अक्तूबर से देश में कई बड़े बदलाव होने वाले हैं। इसका असर सीधा आपकी जेब पर पड़ेगा। अगले महीने से इनकम टैक्स देने वाले अटल पेंशन स्कीम में निवेश नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा 1 अक्तूबर से कार्ड पेमेंट के लिए टोकनाइजेशन सिस्टम लागू हो जाएगा। हम ऐसे ही 6 बदलावों के बारे में आपको बता रहे हैं जिनका असर आप पर होगा। 1 अक्तूबर से इनकम टैक्स का भुगतान करने वाले अटल पेंशन योजना का लाभ नहीं ले  सकेंगे। मौजूदा नियम के अनुसार 18 साल से 40 साल तक की उम्र का कोई भी भारतीय नागरिक सरकार की इस पेंशन योजना से जुड़ सकता है, भले ही वह इनकम टैक्स भरता हो या नहीं। इस योजना के तहत हर महीने 5 हजार रुपए तक की मासिक पेंशन दी जाती है। 1 अक्तूबर से कार्ड पेमेंट के लिए टोकनाइजेशन सिस्टम लागू हो जाएगा। इसके लागू होने के बाद मर्चेंट, पेमेंट एग्रीगेटर और पेमेंट गेटवे ग्राहकों की कार्ड से जुड़ी जानकारी को स्टोर नहीं कर सकेंगे। टोकनाइजेशन सिस्टम लागू करने का उद्देश्य ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड को रोकना है। टोकनाइजेशन अनिवार्य नहीं है, लेकिन यह एक ही वेबसाइट या ऐप से बार-बार खरीदारी को आसान बनाता है। एक अक्तूबर या उसके बाद म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले लोगों के लिए नॉमिनेशन डिटेल देना जरूरी होगा। ऐसा नहीं करने वाले निवेशकों को एक डिक्लेरेशन भरना होगा। डिक्लेरेशन में नॉमिनेशन की सुविधा नहीं लेने की घोषणा करनी होगी। एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (एएमसी) को निवेशक की जरूरतों के अनुसार फिजिकल या ऑनलाइन मोड में नॉमिनेशन फॉर्म या डिक्लेरेशन फॉर्म का विकल्प देना होगा. फिजिकल विकल्प के तहत फॉर्म में निवेशक के सिग्नेचर होंगे, जबकि ऑनलाइन फॉर्म में निवेशक ई-साइन फैसिलिटी का इस्तेमाल कर पाएंगे। आरबीआईके रेपो रेट बढ़ाने के बाद देश के ज्यादातर बैंकों ने स्नष्ठ पर मिलने वाले ब्याज में बढ़ोतरी की है। ऐसे में अब पोस्ट ऑफिस स्मॉल सेविंग्स स्कीम जैसे पीपीएफ, सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम, सुकन्या समृद्धि योजना में मिलने वाले ब्याज की दरों में इजाफा हो सकता है। पोस्ट ऑफिस की स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स पर 30 सितंबर को नई ब्याज दरों का ऐलान हो सकता है। डीमैट अकाउंट होल्डर्स को 30 सितंबर, 2022 तक टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन पूरा करना है। इसके बाद ही आप अपने डीमैट अकाउंट में लॉग-इन कर पाएंगे।