स्टॉकहोमः अर्थशास्त्र में इस साल के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित करने के लिए फेडरल रिजर्व के पूर्व चेयरमैन सहित अमेरिका के तीन अर्थशास्ति्रयों को चुना गया है। उन्हें बैंकों और वित्तीय संकट पर शोध के लिए यह पुरस्कार दिया गया है। स्टॉकहोम में रॉयल स्वीडिश अकेडमी ऑफ साइंसेज में नोबेल समिति ने सोमवार को बेन एस बर्नान्के, डगलस डब्ल्यू डायमंड और फिलिप एच डायबविग को अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार देने की घोषणा की। बेन एस बर्नान्के अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के पूर्व चेयरमैन हैं। इस पुरस्कार के तहत एक करोड़ स्वीडिश क्रोनर (लगभग नौ लाख अमेरिकी  डॉलर) का नकद पुरस्कार दिया जाता है। पुरस्कार 10 दिसंबर को प्रदान किया जाएगा। नोबेल समिति ने कहा कि उनके शोध में बताया कि बैंक को पतन से बचना क्यों महत्वपूर्ण है। समिति ने कहा कि 1980 के दशक की शुरुआत में अपने शोध के साथ इन अर्थशास्ति्रयों ने वित्तीय बाजारों को विनियमित करने और वित्तीय संकट से निपटने की नींव रखी। बर्नान्के (68) इस समय वाशिंगटन, डीसी में द ब्रुकिंग्स इंस्टिट्यूशन के साथ जुड़े हैं। उन्होंने 1930 के दशक की महामंदी पर शोध किया और यह बताया कि यदि घबराए हुए बचतकर्ता अपनी जमा राशि निकालते हैं, तो बैंक की स्थिति कितनी खतरनाक हो सकती है। शिकॉगो विश्वविद्यालय के 68 वर्षीय डायमंड और सेंट लुइस में वाशिंगटन विश्वविद्यालय के 67 वर्षीय डायबविग ने अपने शोध में बताया कि कैसे जमा पर सरकारी गारंटी वित्तीय संकट को बढ़ने से रोक सकती है। अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार के लिए समिति के अध्यक्ष टोरे एलिंगसन ने कहा कि पुरस्कार विजेताओं की अंतर्दृष्टि ने गंभीर संकट और भारी-भरकम राहत पैकेज, दोनों से बचने की हमारी क्षमता में सुधार किया है।