नई दिल्ली: इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (आईएमएफ) ने 2023 में ग्लोबल इकोनॉमी ग्रोथ का अनुमान जारी किया है। इसमें भारत के लिए इकोनॉमिक ग्रोथ के अनुमान को एक बार फिर घटा दिया गया है। आईएमएफ ने मौजूदा अनुमान में 0.60 फीसदी की कटौती करते हुए फाइनेंशियल ईयर 2023 के लिए देश की जीडीपी ग्रोथ 6.8 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। हालांकि, फाइनेंशियल ईयर 2024 के लिए भारत के जीडीपी ग्रोथ के अनुमान में बदलाव न करते हुए इसे 6.1 फीसदी ही रखा गया है। इससे पहले आईएमएफ ने जुलाई में फाइनेंशियल ईयर 2023 और 2014 के लिए भारत के जीडीपी ग्रोथ अनुमान में 0.80 फीसदी की कटौती की थी। आईएमएफ ने 2023 के लिए ग्लोबल इकोनॉमी की ग्रोथ का अनुमान भी घटाया है। एजेंसी ने ग्लोबल इकोनॉमी की कम ग्रोथ के लिए रूस- यूक्रेन जंग, आर्थिक मंदी, कोरोना महामारी का असर, बढ़ती ब्याज दरों को इसकी वजह बताया है। आईएमएफ के मुताबिक, अगले साल ग्लोबल इकोनॉमी की ग्रोथ रेट 2.7 फीसदी रहने की संभावना है। इससे पहले जुलाई में इसके 2.9 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया था। वहीं इस साल के लिए ग्लोबल इकोनॉमी की ग्रोथ रेट को 3.2 फीसदी ही रहने का अनुमान जताया है। बीते फाइनेंशियल ईयर में ग्लोबल ग्रोथ रेट 6 फीसदी थी। भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ को लेकर आईएमएफ की ओर से जारी किए गए अनुमान भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के अनुमानों से कम हैं। आरबीआई ने इसी साल सितंबर में देश की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान जताए थे। फाइनेंशियल ईयर 2023 के लिए 0.20 फीसदी घटाकर देश की जीडीपी ग्रोथ 7 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया था। आईएमएफ ने दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं अमरीका और चीन के लिए भी अनुमानों को घटाया है। आईएमएफ के मुताबिक, मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में अमरीका की इकोनॉमिक ग्रोथ 1.6 फीसदी रहेगी।
आईएमएफ ने भी भारत के विकास दर का अनुमान घटाया