नई दिल्ली : भारत की परमाणु क्षमता से लैस पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत ने शुक्रवार को सबमरीन लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइल (एसएलबीएम) का सफल परीक्षण किया है। रक्षा मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी। मिसाइल का परीक्षण बंगाल की खाड़ी से तय सीमा तक के लिए किया गया। मंत्रालय के मुताबिक मिसाइल ने परीक्षण के दौरान परिचालन के सभी पैरामीटर को पूरा करते हुए लक्ष्य पर सटीक निशाना साधा। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि आईएनएस अरिहंत से लॉन्च की गई बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण टेस्ट क्रू की योग्यता साबित करता है। यह परीक्षण भारत की मिनिमम रेजिस्टेंस की नीति को ध्यान में रख कर किया गया है। एटमी हथियारों से लैस आईएनएस अरिहंत सामरिक तौर पर काफी महत्वपूर्ण पनडुब्बी है। यह समुद्र के किसी भी कोने से दुश्मन देश के किसी भी शहर पर हमला करने में सक्षम है। इसके जरिए समुद्र, जमीन और हवा से परमाणु हमला किया जा सकता है। इसे आसानी से डिटेक्ट भी नहीं किया जा सकता। यह परमाणु रिएक्टर से मिली एनर्जी से चलने वाली दूसरी खूबियों के कारण लंबे समय तक गहरे पानी के भीतर भी रह सकती है। आईएनएस अरिहंत  में 750 किमी और 3500 किमी क्षमता वाली मिसाइलें हैं। हालांकि, इस मामले में भारत से आगे अमेरिका, रूस और चीन है, जिनके पास 5000 किलोमीटर से ज्यादा दूर तक वार करने वाली मिसाइल हैं। पाकिस्तान और चीन ने बड़े पैमाने पर न्यूक्लियर वेपन्स तैनात करने की पॉलिसी अपना रखी है। हिंद महासागर क्षेत्र में चीन अपनी न्यूक्लियर सबमरीन्स की तैनाती बढ़ा रहा है। भारत की सिक्युरिटी के लिए यह चिंता का विषय है। आईएनएस अरिहंत भारत की एक सामरिक स्ट्राइक परमाणु पनडुब्बी है, जिसे 2009 में तत्कालीन प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह ने लॉन्च किया था। 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आईएनएस अरिहंत को भारतीय नौसेना में शामिल किया। इसके बाद से भारत तीनों सीमाओं जल, थल और वायु में परमाणु शक्ति संपन्न हो गया। अब भारत के पास तीनों जगहों से परमाणु हथियारों को फायर करने की क्षमता है।