नई दिल्लीः भारत-रूस की सदियों पुरानी दोस्ती नए मुकाम हासिल कर रही हैं , दोनों देश एक -दूसरे की संप्रभुता को सत्य वचन के साथ दुनिया के सामने पेश कर रहे हैं। चीन व पाकिस्तान द्वारा भारत के अवैध रूप से कब्जाए गए इलाकों को रूस ने भारत का हिस्सा बताया है। जिसके बाद से ही वैश्विक मंच पर रूस -भारत की दोस्ती का मिसाल बनती जा रही हैं। रूस भारत का सबसे बड़ा सैन्य साझेदार है। भारत पूर्ववत से ही रूस से हथियार को खरीदता रहा है, दोनों देशों के बीच प्रगाढ़ संबंध है। रूस ने नया नक्शा जारी करते हुए पाक अधिकृृत कश्मीर व अक्साई चीन के इलाकों को भारत में दिखाया है , जिसके बाद से ही चीन और पाकिस्तान रूस के खिलाफ माहौल बनाने लग गए हैं। दरअसल एशिया में चीन अपनी विस्तार वाद नीति को लेकर दुनिया में बदनाम है। रूस की समाचार एजेंसी ने एक नक्शा जारी किया है , जिसमें पीओके व अक्साई चीन के साथ लद्दाख व अरुणाचल प्रदेश को भारत का हिस्सा बताया गया हैं। जम्मू-कश्मीर में जिहादी प्रसार करने वाले पाकिस्तान के मुंह पर रूस ने जोरदार चाटा मारते हुए जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा के रूप में दिखाया है। शंघाई सहयोग संगठन में चीन, भारत, पाकिस्तान, रूस सहित कई देश हिस्सा लेते हैं। रूस ने इन सभी देशों का नक्शा जारी करते हुए अक्साई चीन व पीओके को भारत का हिस्सा बताया है। रूस ने चीन-पाकिस्तान से संबंध की परवाह ना करते हुए भारत के पक्ष में अच्छा कदम उठाया है। संगठन के बीच दोनों देशों के बीच मित्रता की प्रगाढ़ता साफ तौर पर दिखाई दे रही है। रूस के इस कदम पर भारत ने कहा कि रूस ने एससीओ संस्थापंक देशों के बीच नक्शो का सही ढंग से दर्शाया है। आपको बता दें कि पाकिस्तान पीओके के लिए दुनिया से मदद की गुहार लगाता है, इसके लिए वह यूएन सहित कई ताकतवर देशों से कश्मीर के बारे मध्यस्थता कराने की बात कर चुका है। लेकिन भारत सत्य वचन के साथ अपनी संप्रभुता को नहीं खोने देगा। चीन ने कुछ दिन पहले नक्शा जारी करके अरुणाचल प्रदेश को अपना बताया था, लेकिन रूस का नक्शा जारी होने के बाद उसके सपने पर पानी फिर गया है। जर्मनी,अमरीकी जैसे प्रमुख देश पाकिस्तान के पक्ष में कश्मीर को लेकर बयानबाजी कर चुके हैं। लेकिन रूस ने इन सभी देशों की हालत खस्ता कर दी है।
रूस ने दिया चीन-पाक को झटका, पीओके व अक्साई चीन को बताया भारत का हिस्सा