लंदनः भारतीय मूल के ऋषि सुनक ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बन इतिहास रचेंगे। ठीक दिवाली के दिन पेनी मॉर्डंट के दौड़ से हटने की घोषणा के बाद सुनक को कंजरवेटिव पार्टी का निर्विरोध नेता चुन लिया गया है। पूर्व वित्त मंत्री (42) सुनक को कंजरवेटिव पार्टी के 357 में से आधे से अधिक सांसदों का समर्थन मिला, जबकि उन्हें जीत के लिए कम से कम 100 सांसदों के समर्थन की जरूरत थी। सांसदों की प्रभावशाली समिति 1922 के प्रमुख सर ग्राहम ब्रैडी ने नाम वापस लेने के आखिरी दिन स्थानीय समयानुसार अपराह्न दो बजे संसद परिसर में घोषणा की कि उन्हें केवल एक नामांकन मिला है, लिहाजा सुनक नेता बनने की दौड़ में विजयी रहे हैं। इसका मतलब है कि बकिंघम पैलेस में महाराजा चार्ल्स तृतीय से मुलाकात के बाद सुनक प्रधानमंत्री बनेंगे। आगे के कार्यक्रम की घोषणा जल्द की जाएगी। वह आधुनिक इतिहास में सबसे कम उम्र के ब्रिटिश प्रधानमंत्री भी होंगे। वर्तमान रिकॉर्ड धारक डेविड कैमरन हैं, जो 42 साल की उम्र में प्रधानमंत्री बने थे। इससे पहले, कंजरवेटिव पार्टी के कई चर्चित सांसदों ने जॉनसन के खेमे को छोड़ते हुए सुनक का समर्थन किया, जिनमें पूर्व गृह मंत्री प्रीति पटेल, कैबिनेट मंत्री जेम्स क्लेवर्ली और नदीम जहावी शामिल हैं। पटेल भारतीय मूल की पूर्व ब्रिटिश मंत्री हैं, जिन्होंने पिछले महीने लिज ट्रस के प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा कि कंजरवेटिव पार्टी को सुनक को नेतृत्व करने का मौका देना चाहिए। सुनक की जीत उनके राजनीतिक भाग्य में एक उल्लेखनीय बदलाव का प्रतीक है, जो पिछले महीने सत्तारूढ़ पार्टी के सांसदों का समर्थन नहीं मिलने के बाद निवर्तमान प्रधानमंत्री लिज ट्रस से चुनाव हार गए थे। कंजरवेटिव पार्टी में ट्रस के नेतृत्व के खिलाफ खुला विद्रोह हो गया था, जिसके चलते सिर्फ 45 दिन तक प्रधानमंत्री रहने के बाद उन्होंने बृहस्पतिवार को पद से इस्तीफा दे दिया था। भारतीय मूल के डॉक्टर पिता यशवीर और फार्मासिस्ट मां उषा के यहां ब्रिटेन में जन्मे सुनक ने पिछले अभियान के दौरान अपनी प्रवासी जड़ों के बारे में विस्तार से बात की थी और पहले भारतवंशी वित्त मंत्री के तौर पर 11 डाउनिंग स्ट्रीट पर दिवाली के दीये जलाकर इतिहास बनाने का भी उल्लेख किया था। सुनक ने कुछ महीने पहले प्रचार के अपने वीडियो में कहा था, ‘मेरी नानीजी के पूर्वी अफ्रीका में एक विमान में सवार होने के साठ साल बाद अक्टूबर की एक गर्म धूप वाली शाम में, उनकी परनातियां, मेरे बच्चे, हमारे घर के बाहर गली में खेलते हैं, दरवाजे पर रंगोली बनाते हैं, दीये जलाते हैं; दीपावली पर कई अन्य परिवारों की तरह मस्ती करते हैं।’ यह व्यक्तिगत कहानी उनके सास-ससुर- इंफोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति और सुधा मूर्ति के लिए एक भावनात्मक संदर्भ में भी विस्तारित हुई। सुनक अपनी पत्नी अक्षता मूर्ति की पारिवारिक संपत्ति को लेकर निशाने पर भी रहे। पिछले कुछ महीनों में टीवी पर गरमागरम बहस के दौरान उन्होंने कहा कि मेरे सास-ससुर ने जो बनाया है, उस पर मुझे वास्तव में बहुत गर्व है। सुनक का जन्म साउथेम्प्टन में हुआ था। एक धर्मनिष्ठ हिंदू के रूप में सुनक मंदिर में नियमित रूप से जाते हैं और उनकी बेटियां, अनुष्का और कृष्णा की भी जड़ें भारतीय संस्कृति में निहित हैं। बहरहाल, सुनक को वित्त मंत्री के रूप में अपने रिकॉर्ड को लेकर अपने प्रतिद्वंद्वियों के हमलों का भी सामना करना पड़ा। कंजरवेटिव पार्टी सदस्यता आधार को लुभाने के लिए किसी भी वोट-जिताऊ कर कटौती के वादे के बजाय वह महंगाई पर अपना ध्यान केंद्रित करने के फैसले पर कायम रहे। उन्होंने घोषणा की मैं इस संसद में करों में कटौती करूंगा, लेकिन मैं इसे जिम्मेदारी से करने जा रहा हूं। मैं चुनाव जीतने के लिए करों में कटौती नहीं करता, मैं करों में कटौती के लिए चुनाव जीतता हूं। उन्होंने विनचेस्टर कॉलेज के अलावा ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से दर्शन, राजनीति और अर्थशास्त्र (पीपीई) की पढ़ाई की और फिर स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से एमबीए किया। गोल्डमैन सैक्स और हेज फंड मैनेजर के रूप में निजी क्षेत्र का सुनक का अनुभव उन्हें किसी ऐसे व्यक्ति की आभा प्रदान करता है, जिस पर कठोर आर्थिक प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करने के लिए भरोसा किया जा सकता है। उनका राजनीतिक करियर 2015 में यॉर्कशायर में रिचमंड की सीट जीतने के साथ शुरू हुआ और वित्त मंत्रालय में कनिष्ठ भूमिकाओं से होते हुए वह वित्त मंत्री के पद पर पहुंच गए, जब साजिद जाविद ने फरवरी 2020 में इस्तीफा दे दिया। दूसरी ओर ब्रिटेन का प्रधानमंत्री बनने जा रहे भारतीय मूल के ऋषि सुनक ने सोमवार को ‘स्थिरता और एकता’ को प्राथमिकता देने का वादा किया। वह लिज ट्रस की जगह लेंगे। सोमवार को टोरी नेतृत्व की दौड़ जीतने वाले पूर्व चांसलर सुनक महाराजा चार्ल्स तृतीय से बकिंघम पैलेस में मिलने के बाद 10 डाउनिंग स्ट्रीट में प्रवेश करने वाले हैं। यह मुलाकात मंगलवार को होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि 10 डाउनिंग स्ट्रीट ब्रिटेन के प्रधानमंत्री का आवास-सह-कार्यालय है। भारतीय मूल के प्रथम प्रधानमंत्री बनने के अलावा, 42 वर्षीय सुनक करीब 200 वर्षों में देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री होंगे। टोरी पार्टी में नेतृत्व पद की दौड़ के नतीजे घोषित होने के शीघ्र बाद सुनक ने कहा कि उनकी प्राथमिकता देश को एकजुट करने की होगी। उन्होंने कहा कि इस देश ने उन्हें काफी कुछ दिया है और उसे चुकाने के लिए अपने जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य पाकर वह सम्मानित महसूस कर रहे हैं। सुनक ने लंदन में संसद के नजदीक कंजरवेटिव पार्टी मुख्यालय में कहा डक ब्रिटेन एक महान देश है, लेकिन इसमें कोई संदेह नहीं है कि हम एक गंभीर आर्थिक चुनौती का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा डक हमें अब स्थिरता और एकता की जरूरत है तथा मैं अपनी पार्टी तथा देश को एकजुट रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता दूंगा, क्योंकि यही एक मात्र रास्ता है, जिसके जरिये हम चुनौतियों से निपट सकते हैं तथा अपने बच्चों और पोते-पोतियों के लिए एक बेहतर और अधिक समृद्ध भविष्य बना सकते हैं।
भारतीय मूल के ऋषि सुनक होंगे ब्रिटेन के नए पीएम