बंदरदेवा : अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर के नजदीक नाहरलगुन दैनिक बजार में मंगलवार तड़के लगी आग से कम से कम 700 दुकानें जलकर खाक हो गई। उन्होंने बताया कि आग लगने की जानकारी तड़के करीब चार बजे मिली। पुलिस ने बताया कि यह राज्य का सबसे पुराना बाजार है और अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर से करीब 14 किलोमीटर दूर नाहरलगुन में अग्निशमन केंद्र के नजदीक स्थित है। पुलिस ने बताया कि संदेह है कि आग दिवाली के उत्सव के दौरान जलाए गए पटाखों या दीयों से लगी। सउन्होंने दावा किया कि अग्निशमन विभाग ने तत्काल कार्रवाई की लेकिन दुकान बांस और लकड़ी के बने हुए थे और उनमें सूखा सामान भरा था, इसलिए आग तेजी से फैली। घबराए दुकानदारों ने आग से जो बच सकता था उसे बचाने की कोशिश की लेकिन गैर सिलेंडरों में धमाकों से आग ने विकराल रूप ले लिया। पुलिस ने बताया कि आग को काबू करने के लिए आग बुझाने वाले तीन वाहनों को लगाया गया जिनमें से एक ईटानगर से मंगाया गया था और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। उन्होंने कहा कि आग से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है लेकिन आशंका है कि करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। पुलिस अधीक्षक (राजधानी) जिम्मी चिराम ने कहा कि आग लगने के कारण का पता अग्निशमन विभाग की जांच के बाद ही लगेगा। दुकानदारों ने आरोप लगाया कि जब आग लगने की जानकारी मिली तो वे नजदीक ही मौजूद अग्निशमन केंद्र पहुंचे लेकिन वहां पर कोई कर्मी मौजूद नहीं था। उन्होंने दावा किया कि जब अग्निशमन कर्मी आए तो आग बुझाने वाले वाहन में पानी नहीं था। दुकानदारों ने आरोप लगाया कि दमकल वाहन में पानी भरने के लिए कर्मियों को दूर जाना पड़ा और वे सुबह पांच बजे ही लौट सके, तब तक आग से बाजार का अधिकतर हिस्सा जलकर खाक हो चुका था। नाहरलगुन बाजार कल्याण समिति के अध्यक्ष किपा नाई ने कहा कि पुलिस ने भी कार्रवाई नहीं की। सभी को अपना कर्तव्य निर्वहन करने में असफल रहने के कारण बर्खास्त किया जाना चाहिए। दुकानदारों से बातचीत के बाद अरुणाचल चेम्बर ऑफ कॉमर्स ऐंड इंडस्ट्रीज (एसीसी ऐंड आई) के अध्यक्ष तारा नाचुंग ने कथित लापरवाही के लिए सभी अग्निशमन कर्मियों को निलंबित करने की मांग की। ईटानगर के विधायक तेची कासो ने संवाददाताओं से कहा कि बाजार का पुनर्निर्माण राज्य सरकार और एसीसी ऐंड आई के सहयोग से किया जाएगा। इस दैनिक बाजार में आग लगने से करोड़ों का सामान जलकर खाख हो गया। उक्त दुर्घटना आज सुबह के करीब चार चार बजे आग लगने की खबर है जिसमें लगभग 712 दुकानें जलकर खाक हो गईं, जिनमें सब्जी, कपड़े, होटल और किराने का सामान आदि शामिल हैं परन्तु सहयोगवश समाचार लिखे जाने तक किसी की हताहत होने की खबर नहीं है। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया और पुलिस द्वारा घटना की जांच की जा रही है। एडीसी, एसडीओ नाहरलागुन, मजिस्ट्रेट, डीडीएमओ, पुलिस और फायर ब्रिगेड घटनास्थल पर पहुचा और उन्होंने स्थिति का जायजा लिया तथा तत्काल राहत की व्यवस्था भी करवाई गई। दुकानदारों के नाम और उनके अकाउंट नंबर जुटाने का भी खबर हैं। नाहरलागुन के सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में राहत शिविर लगाया गया है जिसमें कुछ दुकानदार जो अपनी दुकानों में रह रहे थे उन्हें राहत शिविर में ठहराया गया है। मिली जानकारी के अनुसार तत्काल राहत सामग्री जैसे बिस्तर और कपड़े, खाद्य पदार्थ, पानी और दवा आदि की व्यवस्था की गई है। आज सुबह करीब नौ बजे तक आग पर लगभग काबू पा लेने की भी जानकारी है। महज कुछ ही दूरी पर नाहरलगुन पुलिस थाना और फायर ब्रिगेड होने के बावजूद लोगों का इतना नुकसान होने पर पीड़ितों में रोष व्याप्त है। लोगों ने कहा कि फायर ब्रिगेड की गाड़ियों में पानी नहीं होने का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ा तथा समय पर न पहुचने का भी आरोप लगाया। पीड़ितों ने अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू से उक्त घटना में होनेवाले नुकसान की भरपाई करने तथा जल्द से जल्द मदद करने की गुहार लगाई है।
अरुणाचल में भीषण अग्निकांड, 700 से अधिक दुकानें हुईं खाक