गुवाहाटी : राज्य सरकार ने शिक्षा क्षेत्र को नया आयाम देने के उद्देश्य से पांच हजार करोड़ रुपए की लागत से राज्य भर में 1,000 शैक्षणिक संस्थानों के बुनियादी ढांचे सहित शिक्षा क्षेत्र को विकसित करने के लिए कदम उठाए हैं। इस पहल के तहत मुख्यमंत्री डॉ हिमंत विश्वशर्मा ने आज गुवाहाटी महानगर के पांच शिक्षण संस्थानों का दौरा किया और बुनियादी ढांचे सहित विभिन्न पहलुओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने पहले भरलुमुख में सोनाराम हायर सेकेंडरी स्कूल,फिर कॉटन कॉलेजिएट गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल और कामरूप एकेडमी हायर सेकेंडरी स्कूल का दौरा किया। सीएम ने बचपन में कामरूप एकाडमी हायर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ाई की थी। इसके बाद उन्होंने तारिणी चौधरी सरकारी उच्चतर माध्यमिक बहुउद्देशीय बालिका विद्यालय और अंत में गणेशगुड़ी में गोपाल बोड़ो सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का दौरा किया। मुख्यमंत्री ने इनमें से प्रत्येक स्कूल के पूरे परिसर और भवनों का निरीक्षण किया और इन संस्थानों के बुनियादी ढांचे की वर्तमान स्थिति सहित विभिन्न पहलुओं का जायजा लिया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को इन शिक्षण संस्थानों में से प्रत्येक में पर्याप्त खुली जगह के साथ थिएटर, नई कक्षाओं आदि सहित नए बुनियादी ढांचे के निर्माण की योजना तैयार करने का भी निर्देश दिया। स्कूलों का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया को बताया कि राज्य सरकार ने गुवाहाटी सहित पूरे असम में 1,000 माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों को नए शैक्षणिक संस्थानों में बदलने के लिए कदम उठाए हैं। ऐसे प्रत्येक स्कूल बेहतर बुनियादी ढांचे से लैस होंगे और पर्याप्त कक्षाओं और खेल के मैदानों सहित सभी सुविधाएं होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इन संस्थानों के परिसरों में एक ही स्थान पर कक्षाओं का निर्माण कर खुली जगह की मात्रा बढ़ाने की योजना बना रही है। हालांकि, अगर किसी शैक्षणिक संस्थान की इमारत 100 साल से अधिक पुरानी है और स्कूल के अधिकारी ऐसी इमारतों को संरक्षित करना चाहते हैं, तो सरकार उनकी मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की योजना पहले चरण में पायलट आधार पर गुवाहाटी शहर और आसपास के 10 स्कूलों के बुनियादी ढांचे को उन्नत करने की है। एक बार इन शिक्षण संस्थानों का निर्माण पूरा हो जाने के बाद राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 9-9 स्कूलों को शामिल करके कुल 1,000 शैक्षणिक संस्थानों के बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन 1,000 स्कूलों का निर्माण 2026 से पहले पूरा हो जाएगा या शुरू होगा। परवर्ती पांच सालों में सरकार फिर से दो हजार शिक्षण संस्थानों के ढांचे के विकास करेगी। इसी तरह एक दशक के भीतर राज्य के चार हजार विद्यालयों के ढांचे विकसित करने की योजना है। यह अगले 3-4 वर्षों में राज्य सरकार के प्रमुख कार्यक्रमों में से एक होगा। मुख्यमंत्री के साथ शिक्षा मंत्री डॉ. रनोज पेगू, राज्य सरकार के शिक्षा सलाहकार डॉ. ननीगोपाल महंता, कामरूप महानगर जिले के जिला उपायुक्त पल्लव गोपाल झा, स्कूल शिक्षा सचिव विजया चौधरी, समग्र शिक्षा अभियान के मिशन निदेशक ओम प्रकाश के साथ लोक निर्माण विभागऔर शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
संस्थानों के पुनर्निर्माण पर खर्च होंगे पांच हजार करोड़