नई दिल्लीः बीमा पॉलिसी में मानसिक बीमारियों को भी कवर किया जाएगा। बीमा नियामक भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण ने एक नवंबर से इसे अनिवार्य कर दिया है। इसने कहा है कि सभी स्वास्थ्य बीमा कंपनियों के लिए यह लागू होगा। नई पॉलिसी में इस तरह की बीमारियों से संबंधित दावों को खारिज नहीं किया जा सकता है। इसे पुरानी बीमा पॉलिसियों में भा लागू किया गया है। यह तब लागू होगा, जब बीमारी पॉलिसी लेने के बाद हुई हो। अगर बीमारी पहले से है तो उसे पुरानी पॉलिसी में कवर नहीं किया जाएगा। इस नियम का मतलब यह हुआ कि मरीज के अस्पताल में भर्ती होने और इलाज का खर्च स्वास्थ्य बीमा कंपनी को वहन करना होगा। इनमें डिप्रेशन और अल्जाइमर जैसी बीमारियां भी कवर की जाएंगी।
पुरानी पॉलिसी में भी मानसिक बीमारी कवर करना जरूरी, नियम एक नवंबर से अनिवार्य