पंजाब प्रसिद्ध पर्यावरणविद एवं राज्य सभा सदस्य संत बाबा बलवीर सिंह सीचेवाल ने हाल ही हजारों संगतों के साथ पर्यावरण को बचाने का संदेश देते हुए यात्रा निकाली। यात्रा अपने महापुरुषों को याद करते हुए भक्ति गीत-संगीत के साथ निकाली गई। यात्रा में लोग शब्द गायन का भी आनंद ले रहे थे। इस यात्रा की खूबसूरती यह थी कि इसमें श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप विभिन्न प्रजातियों के पौधे बांटे जा रहे थे। यात्रा के दौरान ढाढ़ी जत्थे ने भी अपनी सिख योद्धाओं की वीर गाथाओं को गाकर सुना रहे थे। इतना ही नहीं ढाढ़ी जत्थे पर्यावरण को बचाने के लिए गुरुओं के दिए गए संदेश भी गाकर सुना रहे थे। यहां तक कि पूरी यात्रा के दौरान संत बलवीर सिंह सीचेवाल ने भी शब्द कीर्तन किया। वह एक ट्राली पर सजाए गए मंच पर बैठकर शब्द कीर्तन भी कर रहे थे और श्रद्धालुओं में पौधों का प्रसाद भी बांट रहे थे। पालकी साहिब की अगुआई में यात्रा पूरे गांव में निकाली गई। यात्रा के दौरान लोग पालकी साहिब पर पुष्प वर्षा भी कर रहे थे। इतना ही हजारों की तादाद में पालकी साहिब के पीछे-पीछे सजाई गई ट्रालियों में निकल रही यात्रा में पानी-चाय भी पिला रहे थे। गांव में घरों से पास से जब यात्रा निकल रही थी तो गुरु नानक नाम लेवा संगत की लोग सेवा कर रहे थे। यात्रा के दौरान जो भी ट्रालियां चल रही थीं, उन पर धार्मिक फोटो दिखाई नहीं दे रहे थे। बल्कि उनके स्थान पर पर्यावरण संरक्षण को लेकर संत सीचेवाल द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बैनर लगाए गए थे। लोगों को पर्यावरण संरक्षण की सीख देने वाले बैनर लगाए गए थे। पर्यावरण संरक्षण के लिए निकाली गई यह यात्रा अपने आप में ही अनूठी थी।
संत बाबा सीचेवाल ने पर्यावरण बचाने का दिया संदेश, प्रसाद के रूप में बांटे पौधे