नई दिल्लीः आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि महंगाई घटाने के लिए दुनिया के केंद्रीय बैकों ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है। इससे आर्थिक गतिविधियों में कमी या कर्ज देने के लिए राशि की कम उपलब्धता ने मंदी के खतरे को बढ़ा दिया है। हालांकि, भारत की स्थिति काफी अलग है और यहां मंदी की आशंका नहीं है। आरबीआई के डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक एंड पॉलिसी रिसर्च (डीईपीआर) के सालाना सम्मलेन में दास ने कहा कि विकसित अर्थव्यस्थाओं में महंगाई अस्थायी होने की बजाय बनी रही है। अमरीकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में आक्रामक वृद्धि से डॉलर में मजबूती आई। उन्होंने कहा कि जून, 2016 से फरवरी, 2020 तक औसत महंगाई 3.9 फीसदी रही है। यह उस समय रिसर्च का मुद्दा था कि किन वजहों से उस वक्त महंगाई काबू में रही। इससे पहले गवर्नर ने कहा था कि महंगाई को काबू करने के लिए सरकार के साथ मिलकर आरबीआई काम कर रहा है।
भारत में मंदी की आशंका नहीं : दास