गुवाहाटी : महानगर में आए दिन शहर में हत्याएं, शव बरामदगी, चेन स्नेचिंग, हथियार लहराने की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री को हस्तक्षेप करना चाहिए और सुरक्षा की भावना पैदा करने के लिए कदम उठाने चाहिए। फिलहाल असम में अधिकांश उग्रवादी समूहों ने पिछले कुछ वर्षों में हथियार डाल दिए हैं। अपराधियों के बीच हथियारों की उपलब्धता चिंता का विषय बना हुआ है। 2021 में राज्य में शस्त्र अधिनियम के तहत पंजीकृत लगभग 189 घटनाओं में 186 घटनाओं में अवैध हथियार का इस्तेमान किया गया था। तीन अन्य मामलों में कानूनी या लाइसेंसशुदा हथियार शामिल पाए गए। राज्य पुलिस रिकॉर्ड में कहा गया है कि राज्य में 2015 से 2020 के बीच आर्म्स एक्ट के तहत कम से कम 2215 मामले दर्ज किए गए, जबकि अधिकांश विद्रोही संगठनों ने युद्ध-विराम की घोषणा कर दी है या हथियार डाल दिए हैं। अवैध हथियार विद्रोहियों से अपराधियों के हाथों तक पहंुच गए हैं। पिछली जांच से पता चला है कि इस क्षेत्र में हथियार तस्कर अवैध हथियारों और गोला-बारूद के परिवहन के लिए रेलवे का इस्तेमाल करते हैं। 2021 में इसी अवधि के दौरान दर्ज हत्या के मामलों की संख्या की तुलना में इस वर्ष जनवरी और जुलाई के बीच राजधानी गुवाहाटी में हत्या के मामलों में 23 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार इस साल जनवरी से जुलाई तक शहर की पुलिस ने कम से कम 37 हत्या के मामले दर्ज किए, जो 2021 (जनवरी-जुलाई) में 30 हत्या के मामलों की तुलना में 23 प्रतिशत अधिक है। दूसरी ओर शहर की पुलिस ने नशीले पदार्थों से संबंधित अपराधों में वृद्धि दर्ज की है। इस साल के पहले छह महीनों में कम से कम 151 मामले दर्ज किए गए जबकि 2021 में 128 मामले दर्ज किए गए।
महानगर में बढ़ते अपराध से चिंतित हैं गुवाहाटीवासी