डिजिटल डेस्क : एलन मस्क ने ट्विटर टेकओवर के बाद यह एलान किया था कि ट्विटर के हर वेरिफाइड अकाउंट को 8 डॉलर के हिसाब से हर महीने शुल्क देना होगा।आम लोग भी केवल 8 डॉलर देकर अपना अकाउंट वेरिफाइड करवा सकते थे।ऐसे में ट्विटर के पेड ब्लू वेरिफिकेशन के कारण एक बड़ी दवा कंपनी को पूरे 1.20 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो गया था। दुनिया की दिग्गज फार्मेसी कंपनी Eli Lilly (LLY) के नाम से एक फर्जी अकाउंट बनाया गया और केवल 8 डॉलर देकर उसे वेरिफाई करवा लिया गया। इसके बाद इस फेक अकाउंट से यह ट्वीट किया, 'Insulin is Free Now'.इसके बाद कुछ निवेशकों की इस ट्वीट पर नजर पड़ी. उन्होंने इस ट्वीट को सच मान लिया और फिर निवेशकों ने कंपनी से अपने पैसे निकालने शुरू कर दिए। इस कारण कंपनी के शेयर्स एक दिन में 4.37 फीसदी तक गिर गए थे। इस कारण Eli Lilly को लगभग 1.20 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो गया। इसके बाद कंपनी ने आनन फानन में अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट करके इस खबर का खंडन किया और बताया कि कंपनी ने इस तरह का कोई फैसला नहीं लिया है।
ट्विटर ने ब्लू वेरिफिकेशन सेवा पर लगा दी थी रोक
पेड ब्लू वेरिफिकेशन सेवा के कारण ट्विटर पर अचानक से फेक अकाउंट्स और खबरों की बाढ़ सी आ गई थी। दुनियाभर के बड़े ब्रांड, कंपनियों और लोगों के नाम पर लगातार फेक अकाउंट्स (Twitter Fake Accounts) की संख्या में इजाफा हो रहा था।ऐसे में एलन मस्क के इस फैसले की जमकर आलोचना होने लगी।ऐसे में मस्क को मजबूरन इस फैसले पर कुल दिनों के लिए रोक लगानी पड़ी।अब एलन मस्क ने यह साफ किया है कि वह ट्विटर के 'ब्लू टिक प्लान' को कुछ बदलावों के बाद रिलॉन्च किया जाएगा। इसके साथ ही कंपनी और इंडिविजुअल के ट्विटर अकाउंट को वेरिफाइड बेंच के अलग-अलग कलर देने का प्लान है।