गुवाहाटी : पूर्वोत्तर छात्र संगठन (नेसो) की पहल के तहत त्रिपुरा के खुमुलवंग में हो रहे नेसो सम्मेलन से इतर बृहस्पतिवार को खासी स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू) और ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू) के बीच असम-मेघालय सीमा विवाद के संबंध में एक संयुक्त बैठक हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। उल्लेखनीय है कि असम-मेघालय सीमा पर मेघालय के पश्चिम जयंतिया हिल्स जिले और असम के पश्चिम कार्बी आंग्लांग जिले में हुई गत 22 नवंबर की हिंसक घटना में पुलिस फायरिंग में मेघालय के 5 लोगों की जान चली गई और कई घायल हो गए और असम के एक व्यक्ति की भी जान चली गई। इस घटना से दोनों संगठन गहरे सदमे में हैं। दोनों संगठनों ने संयुक्त रूप से स्थानीय लोगों से अपील करते हुए कहा कि यह मुद्दा जातीय मुद्दा नहीं है बल्कि सीमा विवाद का है, जिसे हल करने के लिए संबंधित राज्य सरकारें बाध्य हैं। इस समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकारें कर्तव्यबद्ध हैं। भले ही असम और मेघालय की सरकारें सीमा वार्ता में शामिल रही हैं, लेकिन केएसयू और एएएसयू दोनों यूनियनों की मांग है कि सरकारों को किसी भी अंतिम निर्णय पर पहुंचने से पहले सीमावर्ती क्षेत्रों के दोनों ओर रहने वाले लोगों को विश्वास में लेना चाहिए। इसके अलावा लोगों को सुरक्षा की भावना प्रदान करने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों को उचित शेष पृष्ठ 11 पर सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए। उक्त बैठक में आसू अध्यक्ष दीपांक कुमार नाथ, केएसयू अध्यक्ष लैम्बोकस्टारवेल मार्गर, सैमुअल बी. जिर्वा (अध्यक्ष, एनईएसओ), शंकोर ज्योति बरुवा, (महासचिव, आसू), सिनम प्रकाश सिंह, (महासचिव, एनईएसओ) उपस्थित रहे।
असम-मेघालय सीमा विवाद पर केएसयू-आसू की बैठक