गुवाहाटी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 17वीं सदी के अहोम सेनापति महावीर लाचित बरफुकन की 400वीं जयंती के वार्षिक समारोह के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी में तीन दिवसीय जयंती समारोह के सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री डॉ हिमंत विश्व शर्मा को बधाई दी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि लाचित को आने वाले दिनों में इतिहास में उचित स्थान दिया जाएगा क्योंकि अब महान सेनापति की वीरगाथा से बहुत से लोग परिचित हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लाचित के बिना न केवल असम बल्कि पूरे दक्षिण-पूर्व एशिया की वर्तमान भू-राजनीतिक और सांस्कृतिक पहचान आज की तुलना में एक अलग आकार ले लेती। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि राष्ट्रीय राजधानी में इस महान मध्ययुगीन योद्धा की 400वीं जयंती समारोह वर्तमान पीढ़ी के बुद्धिजीवियो और इतिहासकारों का ध्यान आकर्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। मुख्यमंत्री ने साल भर चलने वाले समारोह के समापन समारोह में असम के लोगों के अटूट सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया। समापन समारोह में असम के राज्यपाल प्रो. जगदीश मुखी, केंद्रीय बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश और वर्तमान राज्यसभा सांसद रंजन गोगोई, लोकसभा सांसद तपन गोगोई, असम विधानसभा अध्यक्ष विश्वजीत दैमारी और सूचना और जनसंपर्क मंत्री पीयूष हजारिका भी उपस्थित थे।