गुवाहाटी : मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने वृहस्पतिवार को गुवाहाटी के फटासिल आमबाड़ी में सड़क अनुसंधान संस्थान में लोक निर्माण (सड़क) विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में गुवाहाटी-उत्तर गुवाहाटी फ्लाईओवर, पलासबाड़ी-सुवालकुची पुल के निर्माण और असम माला योजना से संबंधित विभिन्न मुद्दों जैसी विभिन्न परियोजनाओं को प्रमुखता से उठाया गया। बैठक के अंत में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि असम सरकार का लोक निर्माण (सड़क) विभाग विश्व बैंक, एशियाई विकास बैंक के सहयोग से राज्य में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को लागू कर रहा है। इनमें से 2,608-करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाला गुवाहाटी-उत्तर गुवाहाटी ब्रिज और 3,197-करोड़ रुपए का पलासबाड़ी-सुवालकुची ब्रिज उल्लेखनीय हैं। करोड़ों रुपए की परिव्यय  की ये अलग-अलग परियोजनाएं असम माला परियोजना के तहत कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में थीं। सीएम डॉ. शर्मा ने आगे कहा कि हाल ही में राज्य सरकार केंद्र से अत्यधिक महत्व की दो परियोजनाओं के लिए स्वीकृति प्राप्त करने में सक्षम रहा है। इनमें से पहला 3,800 करोड़ का डिमा हसाओ क्षेत्र के सड़क नेटवर्क का पुनर्निर्माण है जो इस साल की शुरुआत में आई विनाशकारी बाढ़ से क्षतिग्रस्त हो गया था। दूसरी परियोजना 4,000 करोड़ के लागत वाली 11 लकड़ी के पुलों को कंक्रीट के पुलों म बदलने की है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि गुवाहाटी में पुलों का निर्माण कार्य जोरों पर चल रहा है और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा होने की संभावना है। उन्होंने साइकिल फैक्ट्री, फटासिल और डाउन टाउन अस्पताल के पास तीन अतिरिक्त फ्लाईओवर के निर्माण के लिए की जा रही पहल के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि प्रमुख परियोजनाओं में से अधिकांश को 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। बैठक में विशेष आयुक्त एवं सचिव (पीडब्ल्यूडी) राजेश केमप्रई भी उपस्थित थे।