डिजिटल डेस्क:  छावला गैंगरेप मामले में पीडित परिवार ने सुप्रीम कोर्ट में एक पुनर्विचार याचिका दाखिल। परिजनों ने याचिका में अदालत से अपील की है कि वो दोषियों को बरी करने के अपने फैसले पर दोबारा विचार करे। याचिका मे यह भी कहा गया है कि जिन सबूतो के आधार पर दोषियो को हाईकोर्ट और निचली अदालत ने सजा दी थी, उन सबूतों पर सुप्रीम कोर्ट ने ठीक से ध्यान नही दिया। 7 नवंबर को दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने छावला गैंगरेप मामले के तीनों दोषियों को बरी करने का आदेश दिया था।