डिजिटल डेस्क: नागालैंड के डीजीपी की नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए केंद्रीय गृहमंत्रालय, राज्य सरकार और यूपीएससी को निर्देश जारी किया,19 दिसंबर से पहले नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करने का आदेश भी दिया है। इससे पहले भी यूपीएससी को निर्देश दिए गए थे,वहीं इस मामले में यूपीएससी ने 2 महीने का समय मांगा है। यूपीएससी यह भी कहना हैं कि उन्हें पैनलिंग समिति की बैठक बुलाने के लिए निश्चित समय चाहिए,क्योंकि गृहमंत्रालय की सलाह की आवश्यकता है।17 अक्टूबर 2022 को शीर्ष अदालत के आदेश के बाद यूपीएससी से आवेदन लिया गया। नागालैंड सरकार ने सुनील आचार्य और रूपिन शर्मा के नाम प्रस्तुत किया हैं,इससे यह प्रतीत होता है कि गृह मंत्रालय आचार्य को नागालैंड डीजीपी के रूप में विचार नहीं कर रहे हैं। राज्य ने 17 नवंबर और 18 नवंबर को रूपिन शर्मा की एसीआर प्रस्तुत की है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश में यह कहना हैं कियूपीएससी का कहना है कि यह किसी भी प्रशासनिक अव्यवस्था का कारण नहीं बनेगा,क्योंकि लोंगकुमेर का कार्यकाल 23 फरवरी को समाप्त होगा।