शिमला : हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा, प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला, छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने राज्यपाल से सरकार बनाने का दावा पेश किया। हिमाचल में सीएम की कुर्सी को लेकर कांग्रेस में घमासान शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री पद के लिए प्रदेश के 6 नेता दावा कर रहे हैं। इस बीच, नाटकीय मोड़ तब आया जब हिमाचल प्रभारी राजीव शुक्ला, छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल और हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार बनाने का दावा पेश करने राजभवन पहुंच गए। इस दौरान उनके साथ प्रदेश का एक भी नेता मौजूद नहीं था। राजभवन में प्रदेश के नेताओं की गैरमौजूदगी पर प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने सफाई दी है। उन्होंने कहा- कांग्रेस पार्टी ने फिलहाल औपचारिक तौर पर गवर्नर के पास सरकार बनाने का दावा पेश नहीं किया है। जब उनसे पूछा गया कि कांग्रेस हाईकमान की ओर से भेजे गए कांग्रेस के तीन बड़े नेताओं ने गवर्नर से मुलाकात क्यों की? इन्होंने गर्वनर को कौन सी चिट्ठी सौंपी? प्रतिभा सिंह के मुताबिक उन्हें नहीं पता कि कांग्रेस के तीन वरिष्ठ नेताओं ने राज्यपाल को क्या लैटर दिया। उनकी जानकारी के मुताबिक अभी बघेल, हुड्डा और शुक्ला विधायकों के साथ बैठक कर उनकी राय लेंगे और उसके बाद पार्टी हाईकमान को जानकारी देंगे। हाईकमान के निर्देश के बाद ही पार्टी सरकार बनाने का दावा पेश करेगी। सीएम पद के दूसरे सबसे तगड़े दावेदार पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू शाम साढ़े 4 बजे तक शिमला नहीं पहुंचे। 18 विधायक भी उनके साथ हैं। सुखविंदर सिंह सुक्खू का मोबाइल नंबर भी स्विच ऑफ आ रहा है। शिमला स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में दोपहर 3 बजे विधायकों की बैठक बुलाई गई थी, जो अब 6 बजे कर दी गई है। हिमाचल में सीएम पद की रेस में शामिल सुखविंदर सिंह सुक्खू के चार समर्थक विधायक शिमला के होटल हिमलैंड में जुटे और लॉबिंग शुरू कर दी। यह होटल प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के नजदीक है जहां विधायक दल की मीटिंग रखी गई है। विधायकों ने पूछने पर इतना ही कहा कि वह विधायक दल की मीटिंग से पहले केवल चाय पीने यहां आए थे। सबसे पहले दोपहर 2 बजे शिमला जिले की कसुम्पटी सीट के विधायक अनिरुद्ध सिंह होटल पहुंचे। आधे घंटे बाद शिमला की ही जुब्बल-कोटखाई के विधायक रोहित ठाकुर भी होटल पहुंचे। पौने 3 बजे किन्नौर के विधायक जगत सिंह नेगी और 3 बजे नाहन से पहली बार जीते आजय सोलंकी भी होटल आए। चारों विधायकों ने यहां लगभग आधे घंटे तक बंद कमरे में मीटिंग की। इससे पहले तीनों नेताओं ने दोपहर करीब 1 बजे हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और मंडी की सांसद प्रतिभा सिंह से होटल में ही बैठक की। इसके बाद प्रतिभा सिंह सीधे अपने निजी आवास हॉली-लॉज चली गईं। दूसरी ओर कांग्रेस के सभी विधायक शिमला के अलग-अलग होटलों में जुटे हैं। वे अलग-अलग गुटों में मीटिंग कर रहे हैं। इधर, विधायक दल की मीटिंग में हो रही देरी से प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में जमा प्रतिभा सिंह के समर्थक नाराज हो गए हैं। उन्होंने कांग्रेस ऑफिस में ही नारेबाजी शुरू कर दी। इनकी मांग है कि प्रतिभा सिंह को तुरंत विधायक दल का नेता घोषित किया जाए। इससे पहले गुरुवार को आए रिजल्ट में राज्य की 68 सीटों में से कांग्रेस को 40 सीटें मिली हैं, जो बहुमत यानी 35 से पांच ज्यादा हैं।
ऑब्जर्वर-प्रभारी राज्यपाल से मिले सरकार बनाने का किया दावा